
शरद पवार को झटका (Photo: IANS)
महाराष्ट्र के सोलापुर विधान परिषद चुनाव में शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार वसंत देशमुख के खिलाफ अब अपने ही सहयोगी नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक उत्तम जानकर और विधायक अभिजीत पाटील ने खुलकर नाराजगी जताते हुए भाजपा नीत महायुति गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया है।
सोलापुर में गुरुवार को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। इस घटनाक्रम ने चुनावी मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।
एनसीपी शरद गुट के विधायक अभिजीत पाटील ने कहा कि चुनाव को लेकर न तो उन्हें किसी चर्चा के लिए बुलाया गया और न ही उनकी राय ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वसंत देशमुख ने कभी उनसे संपर्क करने की कोशिश तक नहीं की।
पाटील ने कहा, "भाजपा, राष्ट्रवादी और शिवसेना समेत महायुति की बैठक में हमें बुलाया गया था, इसलिए हम वहां पहुंचे। लेकिन हमारी पार्टी के उम्मीदवार ने न तो एक बार मुलाकात की और न ही फोन किया। दूसरी तरफ महायुति के उम्मीदवार लगातार संपर्क में हैं। ऐसे में हम क्या करतें?
अभिजीत पाटील ने आगे कहा कि उनके साथ चुने गए जिला परिषद सदस्य घड़ी चुनाव चिह्न पर जीतकर आए थे। उस समय दोनों राष्ट्रवादी दलों के एक होने की संभावना को देखते हुए सभी सदस्यों को घड़ी चिन्ह पर चुनाव लड़ाया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि वसंत देशमुख ने उनकी पंचायत समिति को गिराने का काम किया था। इसी वजह से उनके समर्थकों में देशमुख के प्रति नाराजगी है और वे उन्हें समर्थन देने के पक्ष में नहीं हैं।
उधर, शरद पवार गुट के विधायक उत्तम जानकर ने भी वसंत देशमुख की उम्मीदवारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में उनके साथ विश्वासघात किया गया। जानकर के अनुसार, पहले उनके बेटे को विधान परिषद चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर चर्चा हुई थी, लेकिन अंतिम समय में मोहिते पाटील ने वसंत देशमुख का नाम तय कर दिया। इसी वजह से उन्होंने महाविकास आघाड़ी (MVA) का साथ छोड़कर महायुति के साथ जाने का फैसला किया है।
Published on:
12 Jun 2026 10:20 am
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