
नेपाल महाप्रलय में डॉ. मिलिंद चितले लापता (Photo: X/IANS)
Nepal Flood: नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए सैकड़ों भारतीयों से संपर्क टूट गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 29 अगस्त तक कम से कम 320 भारतीय नागरिक और 100 से अधिक भारतीय मूल के लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों में मुंबई के वरिष्ठ पर्वतारोही और ट्रेकिंग विशेषज्ञ डॉ. मिलिंद चितले भी शामिल हैं। चितले अपनी पत्नी और मुंबई के श्रद्धालुओं के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे। उनके साथ गए यात्रियों के परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
डॉ. मिलिंद चितले ने 1983 में ग्रैंट मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन प्रकृति और पहाड़ों के प्रति अपने जुनून के चलते उन्होंने डॉक्टरी छोड़ पर्वतारोहण को अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने 1997 में अपनी ट्रेकिंग संस्था 'हिल्स एंड ट्रेल' (Hills and Trails) की शुरुआत की थी।
हाल ही में उनकी इसी संस्था के माध्यम से लगभग 40 श्रद्धालुओं का एक समूह कैलास-मानसरोवर यात्रा पर निकला था। इस दल में डॉ. चितले, उनकी पत्नी जान्हवी चितले समेत मुंबई के कई प्रतिष्ठित नागरिक और डॉक्टर शामिल थे। बाढ़ आने के बाद से इस पूरे समूह से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
डॉ. मिलिंद चितले ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाया था, लेकिन पहाड़ों और पर्वतारोहण के प्रति उनका जुनून इतना बढ़ा कि उन्होंने अपना जीवन हिमालय को समर्पित कर दिया। उन्होंने 1997 में 'Hills & Trails' नाम की ट्रेकिंग संस्था शुरू की थी और तीन दशक से अधिक समय से हिमालय में टूर और ट्रेकिंग कर रहे थे।
बताया जाता है कि उन्होंने 3,000 से अधिक ट्रेक और पर्वतारोहण अभियान पूरे किए हैं। उन्होंने कंचनजंगा क्षेत्र में करीब 23,000 फीट तक चढ़ाई की थी और पर्वत बचाव तकनीक तथा प्राथमिक उपचार पर पुस्तक भी लिखी थी। 2005 में उन्हें 'गिरिमित्र पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था। डॉ. चितले 25 से अधिक बार कैलाश मानसरोवर यात्रा भी कर चुके थे। इस बार भी वे एक बड़े समूह के साथ यात्रा पर गए थे।
लापता पर्यटकों में मुंबई के कई जाने-माने लोग भी बताए जा रहे हैं। इनमें स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री देशपांडे और उनके पति डॉ. आनंद देशपांडे भी शामिल हैं। डॉ. आनंद देशपांडे हिंदुजा अस्पताल के हेमेटोलॉजी विभाग से जुड़े हैं। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि रविवार के बाद से दोनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
इसके अलावा नागपुर के 68 वर्षीय सुनील सुभेदार और 64 वर्षीय चेतना गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।
नागपुर निवासी सुनील सुभेदार के बेटे स्वानंद सुभेदार ने बताया कि उन्होंने 26 अगस्त को अपने पिता से आखिरी बार बात की थी। उस समय वे तिमुरे में थे और चीन सीमा की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसके बाद से उनका मोबाइल बंद आ रहा है।
वहीं, चेतना गुप्ता के पति आनंद गुप्ता के मुताबिक, इमिग्रेशन सेंटर के पास उनकी पत्नी से आखिरी बार संपर्क हुआ था। एक सहयात्री का पासपोर्ट काठमांडू में रह जाने के कारण पूरा समूह वहां रुका था। इसके बाद संपर्क टूट गया। गुप्ता परिवार के तीन सदस्य अब जानकारी जुटाने के लिए काठमांडू पहुंच चुके हैं।
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ ने नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है। बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रहा है। भारतीय अधिकारियों और नेपाल प्रशासन के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में फंसे और लापता भारतीयों की जानकारी जुटाई जा रही है तथा प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
Updated on:
29 Aug 2026 12:38 pm
Published on:
29 Aug 2026 12:03 pm
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