
3 नवंबर को पासबान ए अदब की अनुभूति, कार्यक्रम का डिजिटल पार्टनर है PATRIKA
- पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुंबई. साहित्य और हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से 3 नवंबर को पासबान ए अदब की ओर से अनुभूति 2019 का आयोजन किया जा रहा है। आगामी रविवार को भारतीय भाषा के साहित्यकारों को लोगों के सामने लाकर साहित्य के माध्यम से बंधुत्व का संदेश देने वाली संस्था पासबान-ए-अदबश विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी श्रेष्ठ हिंदी साहित्य उत्सव मुंबई के सोफिया कालेज के प्रांगण में किया गया है। युवाओं को अपने हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले इस आयोजन में ओपन माइक, चर्चा, स्टोरीबाजी, कवी कलम और हम चलेगा, जिसके अंतर्गत युवा कवियों को प्रोत्साहन देने के लिए उनकी मूल रचनाओं के प्रस्तुतिकरण 'ओपन माइकÓ से दिया जाएगा। कई महाविद्यालयों के भाग लेने वाले इन विद्यार्थियों की रचनाओं के मूल्यांकन के बाद सर्वश्रेष्ठ रचना वाले छात्र को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
टोल फ्री नंबर से कराएं रजिस्ट्रेशन
साहित्यकार बांधेंगे समा शाम 6 बजे से कवी सम्मेलन शुरू होगा, जिसमें प्रो. अशोक चक्रधर, डॉ. उदय प्रताप सिंह, डॉ. सचिदानंद जोशी, कैसर खालिद, रमेश शर्मा, संदीप नाथ, हस्तीमल हस्ती, माया गोविन्द, अतहर शकील, दीक्षित दनकौरी, संतोष सिंह जैसे लोकप्रिय व सुप्रसिद्ध देश भर के लोकप्रिय और सुप्रसिद्ध कवि साहित्यकार अपनी रचनाओं से लोगों को मंत्रमुग्ध करेंगे। आयोजन में भव्य एवं रंगारंग मंच, उत्तम प्रकाश व्यवस्था, प्रभावी ध्वनि प्रक्षेपण, नवीन नियोजन के साथ चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पहले आओ-पहले पाओ के सिद्धांत पर किया जाएगा। सीट की व्यवस्था है, लेकिन महिलाओं एवं बुजुर्गों के लिए बैठने की विशिष्ट व्यवस्था की गई है। हर वर्ष की तरह इस साल भी इसमें प्रवेश मुफ्त होगा। प्रवेश सुनिश्चित करने के लिए टोल फ्री नंबर 1800120080000 पर फोन कर रजिस्ट्रेशन करवा अपनी उपस्थिति दर्ज करवा सकते हैं।
मिशन को आगे बढ़ा रहे खालिद
महाराष्ट्र पुलिस के आईजी केसर खालिद ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पासबाने अदब और जश्ने अदब संस्थाओं के जरिए पूरे भारत में हिन्दी, उर्दू, लिटरेचर समेत भारतीय भाषाओं को प्रमोट करने में जुटे हुए हैं। हमारा प्रयास है किे नई पीढ़ी तक भारत की संस्कृति और साहित्य को पहुंचाया जाए और उसे अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि हमें अपने लिटरेचर पर गर्व होना चाहिए। अदब की खिदमत और निगहबानी के साथ साहित्य के जरिए हम समाज मे अमन और एकता के मिशन को आगे बढ़ा रहा है।
Updated on:
02 Nov 2019 11:23 am
Published on:
01 Nov 2019 08:24 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
