
शरद पवार और रोहित पवार (Patrika File Photp)
Rohit Pawar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार इन दिनों महाराष्ट्र की राजनीति में लगातार चर्चा में हैं। राज्यभर के दौरे और आंदोलनों में सक्रिय नजर आ रहे शरद पवार के पोते रोहित की कांग्रेस के साथ बढ़ती नजदीकी को लेकर पहले से ही राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं। अब शनिवार को मुंबई में हुई एनसीपी शरद पवार गुट की कोर कमेटी की बैठक में उनकी अनुपस्थिति ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
हालांकि, रोहित पवार ने अपनी गैरहाजिरी की वजह स्पष्ट करते हुए पार्टी नेतृत्व को पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि करीब छह महीने पहले ही कुछ निजी कामों के चलते उनका विदेश दौरा तय हो चुका था और उसकी पूरी तैयारी भी हो चुकी थी। बैठक के महत्व को देखते हुए उन्होंने दौरा टालने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
कर्जत से विधायक रोहित पवार ने प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे को भेजे पत्र में कहा कि 29 अगस्त को होने वाली कोर कमेटी की बैठक का निमंत्रण उन्हें मिला था और पार्टी के लिए महत्वपूर्ण इस बैठक में शामिल होने की उनकी पूरी इच्छा थी। उन्होंने लिखा कि लगभग छह महीने पहले कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तिगत कार्यों के लिए विदेश यात्रा पहले से तय थी। बैठक का महत्व देखते हुए उन्होंने यात्रा आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अपरिहार्य कारणों से ऐसा संभव नहीं हो सका।
रोहित पवार ने बैठक में शामिल नहीं हो पाने पर खेद जताते हुए अनुपस्थित रहने की अनुमति मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी जो भी निर्णय लेगी और मार्गदर्शन देगी, वह उन्हें स्वीकार्य होगा। उन्होंने पार्टी के संगठनात्मक कामकाज में आगे भी सहयोग और योगदान देने की बात कही है।
रोहित पवार की गैरहाजिरी ऐसे समय हुई है, जब पिछले कुछ समय से कांग्रेस के साथ उनकी बढ़ती नजदीकी महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। माना जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से रोहित पवार पार्टी की उन नीतियों से खुद को दूर करते हुए दिख रहे हैं जिनसे वे सहमत नहीं हैं। इसी वजह से कोर कमेटी की बैठक में उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
एनसीपी के संस्थापक शरद पवार की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें प्रदेशाध्यक्ष शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड, हर्षवर्धन पाटील, पूर्व विधायक अशोक पवार, राजेंद्र शिंगने, अनिल देशमुख और सांसद निलेश लंके शामिल हैं।
बैठक में करीब 10 दिन पहले राज्य के सभी जिलाध्यक्षों के साथ हुई बैठक में सामने आए मुद्दों पर चर्चा की गई। ऐसे में पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बैठक को लेकर एक और बड़ा सवाल राष्ट्रवादी कांग्रेस के दोनों गुटों के संभावित विलय से जुड़ा है। साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि क्या पार्टी भविष्य में एनडीए के साथ जाने को लेकर कोई रणनीति बना सकती है। जबकि रोहित पवार भाजपा के साथ हाथ मिलाकर एनडीए में शामिल होने के सख्त खिलाफ है। वह कई बार कह चुके है कि वह किसी भी हाल में भाजपा में शामिल नहीं होंगे। इस वजह से उनकी अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
Updated on:
29 Aug 2026, 3:23 PM IST
Published on:
29 Aug 2026, 3:11 PM IST
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