
महाराष्ट्र के सत्ता संघर्ष पर आज आएगा ‘सुप्रीम’ फैसला
Shiv Sena Thackeray vs Shinde Supreme Court: महाराष्ट्र के सत्ता संघर्ष से जुड़ी याचिकाओं पर आज (10 जनवरी) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई फिर टल गई। सूबे में पिछले कई महीनों से चल रहे सत्ता संघर्ष पर आज अहम निर्णय आने की उम्मीद थी, लेकिन शीर्ष कोर्ट ने सुबह सुनवाई शुरू होने के बाद अगली तारीख दे दी। अब शिवसेना के 'ब्रेकअप' यानी फूट को लेकर दायर याचिकाओं पर अगली सुनवाई 'वेलेंटाइन डे' यानी 14 फरवरी को होगी।
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने आज कहा कि 14 फरवरी से शिवसेना के उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे खेमे द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई सात जजों की बेंच करेगी या पांच जजों की बेंच, इसको लेकर दलीलें सुनी जाएंगी। यह भी पढ़े-संजय राउत ने केंद्रीय मंत्रियों को दी गाली, बोले- शिवाजी महाराज के अपमान पर चुप रहने वाले...
आज इस मामले सुनवाई भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, कृष्ण मुरारी, हिमा कोहली और पीएस नरसिम्हा की पांच जजों की पीठ ने की। हालांकि ठाकरे गुट चाहता है कि शिवसेना में फूट व सत्ता संघर्ष से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर दायर याचिका पर सात जजों की पीठ सुनवाई करे। उद्धव ठाकरे गुट का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत से अब मामले पर सात जजों की पीठ गठित करने का अनुरोध किया है।
वहीँ, इस पर शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के मामले में 14 जनवरी से सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ इस पर सुनवाई शुरू करेगी। निर्णय होने तक इस पर सुनवाई जारी रहेगी।“
गौरतलब हो कि सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना और उसके बागी विधायकों द्वारा दायर याचिकाओं को पांच जजों के संविधान पीठ के पास भेजा था। ये याचिकाएं पार्टी में विभाजन, विलय, दलबदल और अयोग्यता जैसे संवैधानिक मुद्दों से संबंधित हैं। इसमें मुख्य मुद्दा 16 विधायकों की अयोग्यता प्रक्रिया को लेकर है, जिसमें खुद सीएम एकनाथ शिंदे भी शामिल है।
जून 2022 में शिवसेना में विभाजन होने के बाद शिंदे उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना, एनसीपी व कांग्रेस की महा विकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन सरकार गिर गई थी। इसके बाद शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की और बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
Published on:
10 Jan 2023 12:17 pm
