
Maharashtra Politics : शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए ‘सौगात-ए-मोदी’ योजना को सत्ता जिहाद करार दिया। ठाकरे ने बीजेपी की इस योजना को 'सौगात-ए-सत्ता' कहते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी ने तुष्टिकरण की राजनीति शुरू की है। बीजेपी यह सब आगामी बिहार चुनाव में अपने फायदे के लिए कर रही है।
मुंबई में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर कटाक्ष किया और कहा कि बीजेपी को आधिकारिक तौर पर ऐलान कर देना चाहिए कि उसने हिंदुत्व को छोड़ दिया है। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा, "बीजेपी सत्ता की खातिर 'सौगात-ए-सत्ता' बांट रही है। वे उन लोगों को सौगात-ए-मोदी किट दे रहें है जिनके घर बुलडोजरों से ध्वस्त कर दिए गए और जिन्होंने सांप्रदायिक दंगों में अपनी जान गंवा दी। यह पूरी योजना सिर्फ बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बनाई गई है। बीजेपी ने अब 'सत्ता-ए-जिहाद' का सहारा लिया है।
उद्धव ने कहा, ‘‘जब महाराष्ट्र चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) को मुस्लिम मतदाताओं से भारी समर्थन मिला तो यह कहते हुए शोर मचाया गया कि मैंने हिंदुत्व छोड़ दिया है। उन्होंने सत्ता जिहाद जैसे शब्द भी कहे। लेकिन अब उन्हीं लोगों ने अपना रुख बदल दिया है।’’
महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख व विधायक अबू आजमी ने 'सौगात-ए-मोदी' पर कहा, "जिन लोगों ने अपनी पार्टी में किसी मुसलमान को मंत्री नहीं बनाया, टिकट नहीं दिया, आज वही मुसलमानों को सौगात दे रहे हैं… हर जाति और धर्म के लगों को भारत के संविधान के मुताबिक उनका हक मिलना चाहिए... ईद की सबसे बड़ी सौगात यह होती कि जेलों में बंद बेगुनाह लोगों को रिहा करने के आदेश दे दिया जाता।"
बीजेपी ने मंगलवार को देशभर में आर्थिक रूप से कमजोर मुस्लिम परिवारों के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। ईद से पहले चलाया जा रहा यह कार्यक्रम बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने मुंबई में इस कार्यक्रम की शुरुआत की और गरीब मुसलमानों को 200 ऐसी किटें दी।
दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना का मकसद गरीब मुस्लिम परिवारों को खास ईद किट वितरित करना है। इस अभियान के तहत देशभर में करीब 32 लाख लोगों को लाभ पहुंचाने की योजना बनाई गई है। इस ईद किट में सूखे मेवे, बेसन, सूजी, सेवई और चीनी जैसे खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, पुरुषों को कुर्ता-पायजामा और महिलाओं को सूट का कपड़ा भी दिया जा रहा है। बीजेपी के इस खास ईद किट की कीमत 500 से 600 रुपये बताई जा रही है।
इस योजना को लेकर जहां बीजेपी इसे सामाजिक समरसता का प्रयास बता रही है, वहीं विपक्ष इसे तुष्टिकरण की राजनीति करार दे रहा है। इसी कड़ी में उद्धव ठाकरे के आये बयान के बाद सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है और इस मुद्दे पर घमासान होने की संभावना है।
Updated on:
27 Mar 2025, 10:30 PM IST
Published on:
27 Mar 2025, 5:47 PM IST
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