अम्फान के समय जारी हुई थीं इरडा की नई गाइडलाइन
- सभी बीमा कंपनियां एक वरिष्ठ अधिकारी को नॉमिनेट करेंगी, जो नोडल ऑफिसर के तौर पर कार्य करेगा।
- यह अधिकारी राज्य सरकारों के साथ मिलकर प्रभावित पॉलिसीधारकों के क्लेम का जल्दी निपटारा करेगा।
- जो क्लेम मृत हुए पॉलिसीधारक के नॉमिनी द्वारा हुए हैं और जिनमें मृत व्यक्ति की बॉडी नहीं मिलने से डेथ सर्टिफिकेट नहीं मिला, ऐसे मामलों के लिए लिए वो ही प्रोसेस फॉलो होगा जो 2015 के चेन्नई बाढ़ में हुआ।
- कंपनी के ऑफिस या विशेष कैंप का प्रचार प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में होना चाहिए ताकि लोगों को उनके बारे में जानकारी हो सके।
- बीमा कंपनी के कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य नियमों का पालन होना अनिवार्य, कंपनी का स्टाफ सेनेटाइज होना जरूरी।
- कोरोनावायरस की वजह से के चलते सभी कंपनियां पॉलिसीधारकों को ऑनलाइन प्रीमियम भरने की सुविधा दें। ताकि उन्हें परेशानी का सामना ना करना पड़े।