1090 Child Help Line टीम ने शुक्रताल आश्रम से मुक्त कराए त्रिपुरा-मिजाेरम बच्चे, उत्पीड़न का आरोप

  • छोटे बच्चों से आश्रम में खाना बनवाने और चिनाई का काम कराने के आरोप
  • त्रिपुरा और मिजोरम के गरीब परिवारों के हैं आश्रम में रह रहे ये सभी बच्चे

मुज़फ्फरनगर ( Muzaffarnagar) चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम ने तीर्थ नगरी के नाम से विख्यात शुक्रतीर्थ स्थित एक आश्रम से 8 मासूम बच्चों को बंधन मुक्त कराया है। आरोप है कि गोड़िया मठ आश्रम में मिजोरम और त्रिपुरा के दस बच्चो को बंधक बनाकर रखा गया था। बच्चों से आश्रम में चिनाई के काम के साथ साथ पशुओं का चारा भी मंगाया जाता था और काम न करने पर पिटाई की जाती थी।

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थाना भोपा क्षेत्र स्थित तीर्थ नगरी के नाम से विख्यात शु्क्रतीर्थ (शुक्रताल) में मंगलवार को जनपद की चाइल्ड हेल्पलाइन ( child help line) की टीम ने गोडिया मठ आश्रम में छापेमारी की। चाइल्ड हेल्प लाइन ( मुजफ्फरनगर) की अध्यक्ष पूनम शर्मा ने बताया कि ( 1090 Child Help Line ) से सूचना आई थी कि गोडिया मठ आश्रम बच्चों काे बंधक बनाकर रखा गया है। इसी सूचना पर जब टीम पहुंची ताे आश्रम में करीब दस बच्चे थे।

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डर के कारण पहले ताे इन बच्चों ने कोई जानकारी नहीं दी लेकिन जब बाद में बच्चों ने बतना शुरू कर दिया। इसी बीच दाे बच्चों आश्रम के स्टाफ ने गायब कर दिया। इन बच्चों को लेकर जा रहे हैं सुबह अपने कागजात दिखाकर बच्चों को ले आना और जैसे ही हम बच्चों की काउंसलिंग कर रहे थे इसी बीच उन्होंने दो बच्चों को वहां से गायब कर दिया। इससे टीम काे शक हो गया। बाद में बच्चों ने बताया कि आश्रम में उन्हे पीटा जाता है। एक 12 से 13 साल का बच्चा है जो इन सब बच्चों का खाना बनाता है और खाना बनाने के बाद वही बच्चा सभी के बर्तन धाेता है।

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पूछताछ में पता चला कि बच्चों से आश्रम ने चिनाई का काम भी कराया जा रहा था और उनसे जंगल से पशुओं का घास भी मंगाया जाता था। यह सभी बच्चे मिजोरम और त्रिपुरा के हैं। चाइल्ड लाइन के स्वयं सेवी फिलहाल बच्चों काे अपनी अभिरक्षा में ले गए हैं। बुधवार काे इन बच्चों काे सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया जाएगा।

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इस मामले में जब गोडिया मठ आश्रम के महंत भक्ति भूषण गोविंद से बात की गई तो उन्होंने स्वयं काे पाक-साफ बताते हुए सारे एक व्यक्ति पर लगाए हैं। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति आश्रम में पिछले दस दिन से रुका हुआ था और वह बच्चों को यहां से लेकर भागना चाहता था। हमने इस बात का विरोध किया तो उसने चाइल्ड हेल्प लाइन को फोन करके झूठी शिकायत की है।

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बताया कि आश्रम में रह रहे सभी बच्चे त्रिपुरा और मिजोरम के हैं जो बेहद गरीब परिवार से हैं। यहां पढ़ाई करते थे छोटे बच्चों से आश्रम में काम नहीं कराया जाता जो बड़े बच्चे हैं 17 से 19 साल के उनसे जरूर हल्का-फुल्का काम कराया जा रहा है। महंत भक्ति भूषण गोविंद ने चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

shivmani tyagi
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