
शामली। अब से कुछ देर बाद भाजपा सांसद हुकुम सिंह का कैराना में अंतिम संस्कार होगा। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन करने पहुंच गए हैं। वहीं, पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वहां भारी पुलिस फोर्स लगाया हुआ है। इधर, सुबह से ही आसपास के नेता व स्थानीय लोग उनके घर पहुंचने शुरू हो गए हैं।
शनिवार रात में हुकुम सिंह का हुआ निधन
गौरतलब है कि कैराना लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हुकुम सिंह का शनिवार को नोएडा के जेपी अस्पताल में निधन हो गया। वह 80 साल के थे और पिछले कुछ समय से बीमारी से पीड़ित चल रहे थे। कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। हुकुम सिंह की छवि जमीन से जुड़े हुए नेता की थी। वह कई सरकारों में मंत्री और लोकलेखा समिति के अध्यक्ष रह चुके थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में वह कैराना सीट से भाजपा के टिकट पर विजयी हुए थे। उनकी बेटी मृगांका सिंह भी भाजपा से जुड़ी हुई हैं और विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं। सांसद हुकुम सिंह सपा सरकार में उठे पलायन के मुद्दे के बाद काफी सुर्खियों में रहे थे। कैराना में सांसद हुकुम सिंह के निधन से शामली-कैराना और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है। वहीं, सुरक्षा के मद्देनजर हुकुम सिंह के घर की तरफ जाने वाले रास्तों पर बड़े वाहनों के लिए रूट डायवर्जन किया है। आरएएफ औार पीएसी भी क्षेत्र में तैनात की गई है।
सेना में रह चुके हैं हुकुम सिंह
1965 में हुकुम सिंह ने सैन्य अधिकारी के तौर पर पाकिस्तान के हमले के समय भी अपनी टुकड़ी के साथ पाकिस्तानी सेना का सामना किया। उस दौरान कैप्टन हुकुम सिंह राजौरी के पूंछ सेक्टर में तैनात थे। हालांकि, 1969 में देश में स्थिति सामान्य होने पर उन्होंने सेना से इस्तीफा देकर फिर वकालत शुरू कर दी थी
हिन्दूओं के पलायन का उठाया था मामला
बता दें कि हुकुम सिंह मुजफ्फरनगर जिले के कैराना में ही रहते थे और उनका जन्म 5 अप्रैल 1938 को हुआ था। वह भारत की 16वीं लोकसभा के सांसद थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में वह यूपी की कैराना सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर निर्वाचित हुए थे। उन्होंने ही कैराना समेत पश्चिम यूपी से हिंदुओं के पलायन का मामला उठाया था।
Updated on:
04 Feb 2018 10:47 am
Published on:
04 Feb 2018 10:39 am
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