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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से महिला ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

महिला के परिजनों का आरोप है, सीएचसी कर्मियों ने धक्के मारकर पीड़िता को निकाल दिया बाहर।
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मुजफ्फरनगर

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Rahul Chauhan

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Updated: 22 Jun 2018, 8:08 PM IST

new born baby on road

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से महिला ने सड़क पर दिया बच्चे को जन्म

मुजफ्फरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का मानवता को शर्मशार कर देने वाला मामला उस समय सामने आया है, जब एक गरीब प्रसव पीड़िता महिला को रात में प्रसव पीड़ा होने पर उसका इलाज करने के बजाय उसे धक्के देकर बुढ़ाना सीएचसी से बाहर निकाल दिया। उसके बाद प्रसव पीड़ित महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। जब प्रसव पीड़िता के परिजन बच्चा होने पर डॉक्टरों से मदद मांगने पहुंचे तो फिर से डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सालय से भगा दिया। यह आरोप प्रसव पीड़िता महिला के परिजनों ने सीएचसी पर तैनात स्टाफ पर लगाया है।

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आखिर में पीड़िता व उसके परिवार वाले रात को एक बजे पीड़ित महिला व उसके बच्चे को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे, जहां उनका उपचार चल रहा है। वहीं अधिकारी जांच के बाद लापरवाही बरतने वाले लोगों पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं। दरअसल मामला बुढ़ाना सीएचसी का है, जहां देर रात थाना रतनपुरी क्षेत्र के गांव भनवाड़ा निवासी यूसुफ अपनी गर्भवती पत्नी फरजाना व परिवार की दो अन्य महिलाओं के साथ सीएचसी में पहुंचा था। जहां उसने अपनी पत्नी को भर्ती करने की गुहार हॉस्पिटल में तैनात स्टाफ से लगाई। स्टाफ ने प्रसव पीड़ित फरजाना को भर्ती करने के बजाय धक्के देकर सीएचसी से बाहर निकाल दिया। फरजाना अपने पति व परिवार की अन्य महिलाओं के साथ सीएचसी से मात्र 100 मीटर ही चली थी कि फरजाना ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दे दिया।

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सड़क पर बच्चे के जन्म के बाद परिवार वालों में हड़कम्प मच गया। फरजाना के परिवार के लोग दुबारा से मदद के लिए सीएचसी पहुंचे, लेकिन सीएचसी में तैनात स्टाफ ने मदद करने के बजाय फिर से उन्हें टरका कर भगा दिया। यूसुफ पुलिस की मदद से अपनी पत्नी और नवजात बच्ची को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचा, जहां जच्चा व बच्चा दोनों का इलाज चल रहा है। वहीं अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके अग्रवाल ने जांच के बाद संबंधित सीएचसी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। इस घटना से साफ है कि एक ओर जहां सरकार स्वास्थ्य विभाग का कई हजार करोड़ों का सलाना बजट लाकर गरीब लोगों को निशुल्क सुविधा मुहैय्या कराती है। वहीं इसी विभाग में तैनात कर्मचारी उनकी इन योजनाओं को पलीता लगाकर सरकार को फ्लॉप करने में जुटे हुए हैं।

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