
Jammu and Kashmir
मुजफ्फरपुर। जम्मू-कश्मीर में लागू धारा 370 कोई इतना बड़ा मुद्दा नहीं है। इस धारा के जितने नुकसान हैं तो कुछ इसके फायदे भी है। लेकिन जम्मु-कश्मीर में धारा 35 ए जरूर लोगों को डॉयरेक्ट प्रभावित करती है। उक्त बातें जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति एसएन झा द्वारा सेमिनार में कही गई।
जानकारी के अनुसार एसएन झा यहां जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र मुजफ्फरपुर एवं श्री कृष्ण जुबली लॉ कॉलेज के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित सेमिनार में हिस्सा लेने आए थे। यहां उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि धारा 370 को लेकर जम्मु-कश्मीर राज्य में भी राजनीतिक समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि वह 35 ए ही है, जिसकी वजह से उस राज्य में कोई भी बाहरी व्यक्ति नौकरी व चुनाव नहीं लड़ सकता है। और ना ही वहां कोई जमीन खरीद सकता है। बस यही एक समस्या का विषय और सोचनीय है। कहा कि जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय पूर्ण वैधानिक प्रक्रिया के अन्तर्गत है।
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.