
नागौर में अपने घर से रोहित दूल्हा बनकर निकलते हुए, साथ में है मनमीत। फोटो पत्रिका
Rajasthan Accident : वक्त अचानक कैसे पलट जाता है, कुछ नहीं कहा जा सकता है। अभी 5 दिन पहले ही रोहित प्रजापत (24 वर्ष) की शादी नेहा से हुई थी। खुशियों से दोनों झूम रहे थे। नए-नए सपने दोनों के आंखों में तैर रहे थे। पर क्या पता था, होनी में क्या लिखा था। मिनटों में सारी खुशियां हवा भी उड़ गई। नेहा की किस्मत में रोहित का साथ सिर्फ इतना ही लिखा था। शादी के बाद मीठा मायरा की रस्म निभाने रोहित जब अपने परिजनों के संग सुजानगढ़ जा रहे थे कि अचानक सामने से आए ट्रेलर ने नेहा की खुशियों पर पानी फेर दिया। रोहित की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, खुशियों से भरा आंगन चीत्कारों से गूंज गया। दोनों परिवार में मातम छा गया है।
नागौर के लाडनूं में निम्बी जोधा पुलिया के पास गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में इटली से आए नवविवाहित एनआरआई रोहित प्रजापत (24 वर्ष) और उसके चचेरे भाई मनमीत की मौत हो गई, जबकि रोहित की पत्नी सहित परिवार के पांच सदस्य घायल हो गए।
थाना अधिकारी सिद्धार्थ प्रजापत के अनुसार नागौर निवासी मुकेश प्रजापत (50 वर्ष) का परिवार पिछले 15 वर्षों से इटली में रह रहा है। शादी के लिए ही सभी कुछ दिन पहले नागौर आए थे। 5 दिन पहले ही मुकेश के पुत्र रोहित की शादी सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ निवासी नेहा से हुई थी। शादी के बाद मीठा मायरा की रस्म निभाने परिजन सुजानगढ़ जा रहे थे कि अचानक सामने से आए ट्रेलर से कार की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।
हादसे में चालक रोमिल, रोहित की पत्नी नेहा, पिता मुकेश, मां पिंकी प्रजापत और पूजा घायल हुए। सभी को लाडनूं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रोहित और मनमीत को मृत घोषित कर दिया। रोहित की मां की हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया है।
नेहा की दुनिया इस हादसे में उजड़ गई। जिस दुल्हन ने अभी नए सपने देखना शुरू ही किया था। एक सड़क हादसे ने जीवन की खुशियां छीन ली। यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों, उम्मीदों और रिश्तों का मर्मांतक टूटना है, जो मानव जीवन की नाजुकता और असुरक्षा की फिर याद दिला गया। घटना से नेहा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बचपन में पिता और कोरोना काल में बड़े भाई को खो चुकी नेहा तीन बहनों में सबसे छोटी है। शादी की खुशियां कुछ ही दिनों में मातम में बदल गईं।
गुरुवार शाम करीब साढ़े चार बजे जब रोहित का शव नागौर के शिवबाड़ी चौराहा के पास स्थित निवास पर पहुंचा तो हर किसी की आंखें नम हो गई। रोहित के दादा रामनाथ प्रजापत फफक पड़े। जिस पोते को अभी नए जीवन की शुरुआत करनी थी, वह शादी के पांच दिन बाद ही दुनिया से चला गया। दुर्घटना में घायल हुए पिता मुकेश प्रजापत बदहवास खड़े देख रहे थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि परिवार की खुशियों को किसकी नजर लगी।
रोहित का छोटा भाई अंकित वापस इटली जाने के लिए बुधवार को घर से रवाना हुआ था। वह अभी इटली पहुंचा ही नहीं कि उसे हादसे की सूचना मिल गई। पड़ौसी प्रमोद सोनी ने बताया कि अंकित की फ्लाइट ओमान में रुकी, जहां से वह वापस भारत के लिए रवाना हो गया है। सोनी ने बताया कि रोहित के पिता पिछले करीब 10 साल से इटली में रहते थे, लेकिन पूरा परिवार पिछले करीब डेढ़-दो साल से इटली में सेट हुआ था।
Updated on:
05 Dec 2025 10:02 am
Published on:
05 Dec 2025 07:40 am
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