
Number of dead and injured in road accidents Increase in Nagaur
नागौर. जिले में सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही वृद्धि चिंता का विषय बनने लगी है। पिछले तीन साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केवल दुर्घटनाओं की संख्या में ही नहीं, बल्कि दुर्घटना में मरने वालों एवं घायलों की संख्या में भी उसी अनुपात वृद्धि हो रही है, इन आंकड़ों पर अंकुश लगाने के लिए जिले की पुलिस ने पिछले एक साल में एमवी एक्ट के तहत होने वाले चालानों की संख्या में 200 से 300 प्रतिशत बढ़ोतरी की है। चिंताजनक स्थिति यह है कि गत वर्ष जहां गति सीमा के 154 चालान पुलिस ने किए थे, वहीं इस बार नवम्बर तक 2110 चालान किए जा चुके है, इसके बावजूद हादसों पर ब्रेक नहीं लग रहा है।
सीसी टीवी कैमरों से भी नजर
हाइवे की सड़कों पर तेज गति से चलने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसपी परिस देशमुख ने नवाचार करते हुए सीसी टीवी कैमरों की मदद ली। सीसी टीवी कैमरों की मदद नागौर-अजमेर राष्ट्रीय राजमार्ग-89 पर कुचेरा व मेड़ता के पास स्थित टोल नाकों के बीच की दूरी निर्धारित समय सीमा से पहले क्रॉस करने पर टोल पर वाहन चालकों के घर चालान भिजवाए गए। इस वर्ष 500 से अधिक चालान पुलिस सीसी टीवी कैमरों की मदद से भिजवा चुकी है।
हम हैं कि मानते नहीं
पुलिस विभाग के अनुसार गत वर्ष बिना हेलमेट के 10 हजार 818 चालान किए, जबकि इस बार नवम्बर तक यह संख्या 33 हजार 330 है। इसी प्रकार गति सीमा के चालान गत वर्ष मात्र 154 हो पाए थे, जो इस वर्ष 2110 हैं। इसी प्रकार शराब पीकर वाहन चलाने व ओवरलोडिंग के चालान भी गत वर्ष से इस बार नवम्बर तक भी ज्यादा हैं। यानी पुलिस हादसों को रोकने के लिए पूरे प्रयास कर रही है, इसके बावजूद वाहन चालक लापरवाही बरत रहे हैं, जिसका नतीजा सड़क दुर्घटना के रूप में सामने आ रहा है। दुर्घटनाओं में मृतकों एवं घायलों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसके घर में अकाल मौत होती है, उसका दर्द वही समझ सकते हैं। हमें चाहिए कि यातायात नियमों का पालन करते हुए वाहन चलाएं ताकि खुद के साथ परिवार एवं सामने वाले की जिंदगी सुरक्षित रहे।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंताजनक
जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े काफी चिंताजनक हैं। गत वर्ष की तुलना में इस बार हादसों के साथ मरने वालों एवं घायलों की संख्या भी बढ़ी है, इसमें पुलिस के साथ अन्य विभागों की एवं सबसे ज्यादा जो सड़क पर चल रहे हैं, उनकी जिम्मेदारी है। पुलिस का मुख्य काम व्यवस्था को लागू करवाना है, जिसके तहत गत वर्ष जहां एमवी एक्ट के कुल चालान 39 हजार 871 हुए थे, वहीं इस बार नवम्बर तक 63 हजार 149 चालान किए जा चुके हैं। बिना हेलमेट, गति सीमा, शराब पीकर वाहन चलाना एवं ओवरलोडिंग के चालानों में 200 से 300 प्रतिशत की वृद्धि हमने की है।
- परिस देशमुख, पुलिस अधीक्षक, नागौर
Published on:
23 Dec 2017 11:19 am
