
पत्रिका की ओर से नागौर में आयोजित कार्यशाला में सेवा का संकल्प लिखकर हस्ताक्षर करती सभापति संतोष टाक व अन्य पार्षदगण।
नागौर. ‘सेवा का संकल्प’ अभियान के तहत बुधवार को राजस्थान पत्रिका की ओर से पार्षदों की कार्यशाला आयोजित की गई। कृषि मंडी सभागार में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने पार्षदों को उनके अधिकारों के साथ कर्तव्य भी बताए। साथ ही शहर के विकास में पार्षदों की क्या भूमिका हो सकती है और वे किस प्रकार विकास में अपना सहयोग दे सकते हैं, इसे लेकर करीब दो घंटे तक गहन मंथन किया गया। खासकर पहली बार पार्षद चुने गए जनप्रतिनिधियों को अनुभवी पार्षदों एवं जनप्रतिनिधियों ने उनकी जिम्मेदारियों के साथ कार्यशाला में जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देने, वार्डों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार करने और अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर समस्याओं का समाधान कराने पर जोर दिया। उन्हें बताया कि जनता ने पार्षदों को अपने वार्ड की समस्याओं के समाधान और शहर के विकास की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में पार्षदों की भूमिका केवल समस्याएं उठाने तक सीमित नहीं, बल्कि उनके समाधान के लिए प्रभावी पहल करने की भी है।
वरिष्ठ पार्षद एवं नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष मनोहरसिंह राठौड़ ने कहा नगर परिषद के कामकाज में पार्षदों की भागीदारी, जनसमस्याओं को उठाने, विकास कार्यों के प्रस्ताव रखने, बजट और योजनाओं की जानकारी लेने तथा अधिकारियों से जवाब मांगने जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। पार्षदों को नियमों की जानकारी होने पर वे अपने वार्ड के लिए प्रभावी ढंग से पैरवी कर सकते हैं। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों को अपने अधिकारों के साथ जनता के प्रति जवाबदेही का महत्व समझाया गया। नगरपालिका अधिनियम 2009 की विस्तार से जानकारी देते हुए धारा 45 एवं 46 के बारे में बिंदुवार जानकारी दी गई।
दूसरी बार पार्षद चुने गए एडवोकेट गोविन्द कड़वा ने विशेषज्ञ के रूप में कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि शहर के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों और नगर परिषद प्रशासन के बीच समन्वय जरूरी है। वार्डों की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। जनता की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करना पार्षदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नगरपरिषद से महज तीन मिलोमीटर की दूरी पर जंभेश्वर कॉलोनी है, लेकिन किसी के पास पट्टा नहीं है।यही हाल दीप कॉलोनी का है। कारण कि नगरीय क्षेत्र में सरकारी भूमि नगरपरिषद को हैंडओवर का आदेश करने के बाद भी अब तक नहीं दी गई है। ऐसे में अब इन क्षेत्रों की सड़कें तो नगरपरिषद बना रही है, लेकिन पट्टा जारी नहीं कर सकती है। इसके लिए प्रभावी स्तर पर काम करना होगा, नहीं तो इस तरह की कई कॉलोनियां कभी विकसित नहीं हो पाएंगी।
पूर्व सभापति बिरदीचंद सांखला ने कहा कि नगर परिषद के कामकाज में पार्षदों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। पार्षदों को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे जनता से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी तरीके से बात रख सकें। सांखला ने कहा कि नगर परिषद की मुख्य समस्या बजट की है। इसके साथ अन्य सरकारी विभागों से समन्वय बनाकर काम करना होगा, अन्यथा हम सड़क बनाएंगे और बिजली, पानी व सीवरेज वाले तोड़ देंगे। उन्होंने कार्यशाला के लिए राजस्थान पत्रिका का आभार जताया।
उपसभापति शरीफ कुरैशी ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है, विडंबना यह है कि नगरपरिषद के कर्मचारी सफाई करके निकलते हैं और उधर, लोग वहां कचरे का ढेर एकत्र कर देते हैं, जबकि जब कचरा वाहन में डालना चाहिए। शहर के लोग खुद सफाई के प्रति जागरूक नहीं है। इसके लिए जनता को भी जागरूक होना पड़ेगा, तभी शहर स्वच्छ और सुंदर होगा। पार्षद प्रवीण सोलंकी ने सुझाव दिया कि वार्ड की समस्याओं का समाधान पार्षद की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
नगर परिषद में जनहित के मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने के साथ काम पूरा होने तक निगरानी भी जरूरी है। पार्षद शिवकुमार राव ने कहा कि शहर के विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और नगर परिषद प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। विकास कार्यों में वार्डों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।पार्षद मनीष कच्छावा ने कहा कि जनता पार्षदों से अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की उम्मीद करती है। इसलिए पार्षदों को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी होनी चाहिए। पार्षद दिनेश सैनी ने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास के लिए ठोस रोडमैप तैयार करना जरूरी है। सड़क, नाली, सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाना चाहिए। विकास कार्य भविष्य की आबादी और शहर के विस्तार को ध्यान में रखकर भी होने चाहिए।
शहर की सफाई और बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए नियमित निगरानी जरूरी है। वार्डों में सड़क-पानी और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए। जनहित के कामों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।- भजन सिंह, वरिष्ठ पार्षद
पार्षदों को अपने वार्ड की समस्याओं की जानकारी रखनी चाहिए और उन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना चाहिए। आमजन को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए समाधान की नियमित समीक्षा जरूरी है।
- यासीन अंसारी, पार्षद
कच्ची बस्ती के रहन-सहन को बेहतर करने के लिए सामाजिक सरोकारों के तहत राजस्थान पत्रिका अच्छा काम कर रही है। इसी के फलस्वरूप कच्ची बस्ती में बच्चों की शिक्षा के लिए चल रहा एक स्कूल खुलवाने में राजस्थान पत्रिका अहम योगदान रहा है।
- हरिराम जाखड़, पार्षद
राजस्थान पत्रिका के संपादकीय प्रभारी दिनेश कुमार स्वामी ने अभियान के बारे में बताते हुए कहा कि सेवा का संकल्प अभियान का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारियों और जनता के प्रति जवाबदेही की याद दिलाना है। लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। पार्षद अपने अधिकारों की जानकारी रखते हुए जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाएं और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करें।
सभापति संतोष टाक व हुक्मीचंद टाक ने कहा कि शहर की सफाई, सड़क, पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए नगर परिषद और पार्षदों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। वार्डों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेकर उनके समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। विकास कार्यों में जनहित को केंद्र में रखकर काम करेंगे। शहर के बेहतर विकास के लिए पार्षदों के साथ समन्वय बनाते हुए काम किया जाएगा। शहर की सफाई व्यवस्था के साथ ही सीवरेज सहित अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
कार्यशाला में पार्षद धनराज सेन, दिलीप कुमार, सुरेश मेघवाल, नेमीचंद, सैयद सदाकत अली, ओमप्रकाश सोनी, रूकमा कच्छावा, प्रहलाद राम नाइक, महेन्द्र भाटी, सिराजुद्दीन, मोहम्मद उस्मान, रोहित सोनी, इकबाल, नीलम पुरोहित, अजीजुद्दीन अंसारी, मोहम्मद हारून, चैनराम कच्छावा, अहमद हमीद, सितारा बानो, लालचंद भाटी व रमा सांखला ने अपने उपयोगी व महत्वपूर्ण सुझाव दिए तथा पत्रिका के बैनर पर हस्ताक्षर कर शहर के विकास में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
Updated on:
29 Oct 2026, 6:43 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 6:43 PM IST
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