
कुचामनसिटी. जन चेतना कार्यक्रम में उमड़ा जन सैलाब।
-पेड़ को काटने पर संविधान में है सजा का प्रावधान तो सनातन में बताया पाप
-संविधान व सनातन है एक: संत दिनेश गिरी- जन चेतना संदेश कार्यक्रम के माध्यम से दिया हिन्दू राष्ट्र बनाने पर जोर, रूढिवादी कुरितियों को मिटाकर एकजुट होने का का संकल्प
लाइव रिपोर्ट
कुचामनसिटी. स्टेशन रोड पर रविवार को सांगलिया धूणी पीठाधीश्वर संत ओमदास महाराज के सानिध्य में जन चेतना संदेश कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ संत ओमदास , शिवमठ धाम गाड़ोदा के संत महावीर जती , संत पुसादास सहित अन्य लोगों ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर, भारत माता व संत के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पूर्व में कनोई पार्क में भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद संत गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा के रूप में कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
सर्व समाज ने की पुष्प वर्षा
जन चेतना कार्यक्रम में शामिल होने से पहले पुराने बस स्टैंड से संत ओमदास की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में संत रथ पर सवार होकर लॉयन सर्किल से होते हुए एसबीआई बैंक, जवाहर स्कूल, कुचामन थाना होते हुए कार्यक्रम स्थल पर पौन तीन बजे पहुंचे। संत का लॉयन सर्किल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं, सर्व ब्राह्मण समाज व खटीक समाज की ओर से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। एसबीआई बैंक मार्ग से कार्यक्रम स्थल मार्ग में स्वर्णकार समाज, खण्डेलवाल विप्र समाज, भार्गव समाज सहित अन्य सर्व समाज के लोगों ने पुष्प वर्षा की। शोभयात्रा में लोगों की काफी भीड़ रही।
सनतान व संविधान को बताया एक, छूआ-छूत को करे बंद
जन चेतना कार्यक्रम में संत ओमदास के साथ बुधगिरी मढी पीठाधीश्वर संत दिनेश गिरि , शिवमठ धाम गाड़ोदा, संत पुसादास , सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता अर्चना सूर्वे, करण सिंह, बीएल रणवां मंचासीन रहे।संत दिनेश गिरि ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनेताओं ने अपने स्वार्थ के लिए हमारा बंटवार कर दिया। जबकि संविधान में बाबा साहेब ने सभी को एकजुट होकर चलने का संदेश दिया है। यहीं बात सम्मान एवं संतान धर्म है। संतान धर्म में पेड़ (पीपल,बरगद) को काटने पर पाप बताया है तो संविधान में बाबा साहेब ने भी पेड़ काटने पर सजा का प्रवाधान रखा है। उन्होंने संविधान व सनातन को एक ही बताया और देश में छुआ छूत को लेकर चल रही रूढिवादी कुरीतिरयों को मिठाने पर जोर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अर्चना ने महिला शक्तिकरण के बारे में बताया। युवतियों को अपने माता-पिता का कहना मानने की बात कहीं।
छूआ-छूत बंद करें और सब मिलकर रहे
संत ओमदास ने कहा कि जब जीव का जन्म होता है तो वह ना तो कोई अधिकारी होता है ना कोई नेता, ना ही साधु-संत । सभी अपने कर्माे से बनते हैं। उन्होंने सांगलिया धूणी की स्थापना का प्रसंग सुनाते हुए हिन्दूओं में बिना भेद भाव किए पिछड़े लोगों व समाजों की रूढिवादी कुरीतियों को मिटाकर एक साथ रहकर सनातन धर्म को संगठित करने की बात कही। संत ने बताया कि उनके गुरू ने उन्हें एक भजन के माध्यम से एक बात कहीं शिक्षा ग्रहण कर कुकर्मों को त्यागों। उन्होंने कहा कि राजस्थान के साथ पूरे हिन्दुस्तान में जन चेतना का आयोजन होगा।
पांडाल में उमड़ी भीड़कार्यक्रम में मातृशक्ति की संख्या भी काफी रही। इस दौरान सभी ने हिन्दू धर्म के बंटवारे के कारण हुए धर्म में परिवर्तन की रूढिवादी कुरितियों को मिटाने का संकल्प लिया। इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रजनी गावडि़या व डॉ. बीएल गावडिय़ा ने संत को गदा भेंट की। भामाशाहा सुरेन्द्र सिंह कांसेडा ने एसी एसटी समाज के जरूरतमंद परिवार के शादी समारोह में लड़के के लिए घोड़ी की व्यवस्था करने की घोषणा की। कार्यक्रम में खारिया सरंपच देवीलाल दादरवाल, कर्नल नंदकिशोर ढाका, पूर्व विधायक परबतसर मानसिंह किनसरियां, मनजीत पाल सांवराद, जिला परिषद सदस्य बाबूलाल, भाजपा किसान मोर्चा बीकानेर संभाग प्रभारी ज्ञानाराम रणवां, डॉ. राजाराम प्रजापति, पूर्व विधायक विजय सिंह चौधरी, मनीष व्यास नावां, प्रमोद आर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह ऑडिट, अनिल सिंह मेड़तिया, पार्षद सुरेश सिखवाल, पार्षद तुलसीराम कुमावत, भवानी सिंह चावडियां, श्रीपाल सिंह रसाल, श्रीराम कुमावत सहित काफी संख्या कुचामन, नावां, मीठड़ी, मकराना बोरावड़, परबतसर सहित ग्रामीण क्षेत्र से लोग उपस्थित रहें।
मंच का संचालन विष्णु पारीक ने किया।
Published on:
26 Jun 2023 01:15 pm
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