7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

फाटक पार कर रहा था वेन चालक, इसी बीच धड़-धड़ करती आ गई ट्रेन

राजस्थान के नागौर में हादसों को न्योता दे रहे मानव रहित रेलवे फाटक, समपार फाटक बंद करने में ढिलाई से हो रही परेशानी...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नागौर

•

image

Dharmendra Gaur

•

Updated: 27 Feb 2018, 12:30 PM IST

nagaur railway news

unmanned railway gate nagaur

-उपरे ने गत दो साल में बंद किए 318 समपार
नागौर. फाटकों को मानव सहित बनाने को लेकर उत्तर पश्चिम रेलवे (उपरे) के जोधपुर मंडल के अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की ढिलाई के चलते हादसे हो रहे हैं। मानव रहित फाटक पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए रेलवे ऐसे फाटकों को मानव सहित फाटक के रूप में बदल रहा है। इसके लिए मानव सहित फाटक, सीमित ऊंचाई के पुल व सडक़ ऊपरी पुलों का निर्माण करवाया जा रहा है। इसी के तहत जहां मेड़ता रोड-नागौर-नोखा खंड में कई जगह अंडरब्रिज का निर्माण किया गया है वहीं नागौर कृषि मंडी के सामने फाटक संख्या सी-61 पर ऑवरब्रिज का कार्य प्रगति पर है।
आए दिन रहती हादसों की आशंका
कार्मिकों की नियुक्ति नहीं होने से जहां एक तरफ बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल रहा है वहीं हादसों की आशंका बनी रहती है। रविवार को बांद्रा-बीकानेर रणकपुर एक्सप्रेस ने नोखा से 3 किमी पहले फाटक संख्या सी-29 पर एक टैक्सी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि टैक्सी पूरी तरह से छतिग्रस्त हो गई व रेलवे फाटक के लिए लगाई गई रैलिंग भी टूट गई। गनीमत रही कि टैक्सी चालक ने कूदकर जान बचाई वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इस फाटक को मानव सहित के रूप में तब्दील किया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
विभाग की लापरवाही से अटका काम
मेड़ता रोड-नागौर-नोखा रेल खंड पर नागौर के बीकोनर रेल फाटक के अलावा सी-25,सी-29, सी-32 नोखा व सी-56,सी-57,सी-68 नागौर पर मानव सहित फाटक स्वीकृत है। जिनका कार्य ठेकेदार ने लगभग पूर्ण कर लिया है लेकिन रेल प्रशासन की ढिलाई से इनका काम काफी समय से रूका हुआ है और इन फाटकों का संचालन शुरू नहीं किया जा रहा है। प्रशासन के पास कर्मचारियों की कमी के कारण फाटकों पर कार्मिक की नियुक्ति को अतिरिक्त बोझ समझ विभाग इसमें जानबूझकर देरी कर रहा है।
हादसों से बचने क्या करें
हादसों को टालने के लिए रेलवे समय-समय पर सलाह भी देता है कि वाहन को समपार फाटक से कम से कम 20 मीटर पहले रोककर दोनों तरफ यह देखें की रेल तो नहीं आ रही है। फाटक पार करते समय मोबाइल, ईअर फोन का प्रयोग नहीं करें और ना ही गाड़ी में तेज आवाज में संगीत बजाएं। गौरतलब है कि उत्तर पश्चिम रेलवे ने समपार फाटकों को बंद करने की कवाय के तहत वर्ष 2017-18 में जनवरी माह तक करीब 170 तथा 2016-17 में 148 समपार बंद किए गए थे।