
अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का हुआ तबादला (Photo-IANS)
Gurpreet Bhullar Transfer: अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर का शुक्रवार को तबादला हो गया है। उन्हें अब चंडीगढ़ स्थित पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। भुल्लर की जगह बॉर्डर रेंज के DIG हरमनबीर सिंह गिल को अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
दरअसल, भुल्लर ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जोड़ने वाला बयान दिया था। इसके बाद विवाद खड़ा हो गया था।
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने हाल ही में नौ लोगों को पकड़ने की जानकारी दी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में चार नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के पास से तीन पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस और पेट्रोल से भरी तीन बोतलें बरामद की गई थीं। पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी विदेश में बैठे ISI हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहे थे और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी कर रहे थे।
बता दें कि पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे समय सामने आई, जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों से जुड़े कथित आतंकी साजिश के मामले को लेकर भी चर्चा तेज थी।
4 अगस्त को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान तत्कालीन अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने कहा था कि जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ लोग जंतर-मंतर गए थे। पुलिस के अनुसार, उन्होंने वहां रेकी की थी और प्रदर्शनकारियों को पेट्रोल बम से निशाना बनाने की कथित योजना बनाई थी।
हालांकि, भुल्लर के बयान के बाद पंजाब सरकार को स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा। सरकार ने स्पष्ट किया कि पुलिस कमिश्नर ने यह नहीं कहा था कि गिरफ्तार आरोपी जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल थे या प्रदर्शनकारियों का किसी आतंकी मॉड्यूल से संबंध था।
सरकार ने यह भी कहा कि पुलिस प्रमुख के बयान को चुनिंदा तरीके से संपादित कर पेश किए जाने के कारण ऐसी गलत धारणा बनी कि गिरफ्तार लोग प्रदर्शनकारियों से जुड़े हुए थे।
गुरप्रीत सिंह भुल्लर के प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। वायरल वीडियो को लेकर यह दावा किया जाने लगा कि पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों से जोड़ दिया है।
हालांकि, पंजाब पुलिस ने गुरुवार को स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो के कुछ हिस्सों को संदर्भ से काटकर पेश किया गया, जिससे गलत धारणा बनी।
गुरप्रीत सिंह भुल्लर का तबादला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है। पंजाब सरकार के आलोचक पहले भी उन पर आम आदमी पार्टी (AAP) के करीबी होने का आरोप लगाते रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने उन्हें कई बार सत्तारूढ़ दल का विस्तारित हाथ तक बताया है।
पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भी भुल्लर के तबादले के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि गुरप्रीत भुल्लर के तबादले का समय निश्चित रूप से सवाल खड़े करता है। क्या जंतर-मंतर की कथित साजिश को लेकर उनके सटीक खुलासे से केजरीवाल परेशान हो गए?
Updated on:
07 Aug 2026 05:18 pm
Published on:
07 Aug 2026 05:16 pm
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