
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फोटो-IANS)
Hamid Ansari Controversy: पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के टिप्पणी को लेकर BJP नेताओं की ओर से हो रही आलोचना के बीच AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अलग रुख अपनाया है। ओवैसी ने कहा कि कोई भी उनके विचार से असहमत हो सकता हैं लेकिन उनकी विद्वता पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। हामिद अंसारी ने एक कार्यक्रम में भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के हवाले से एक बात कही थी। इस बात को लेकर अब BJP के नेताओं ने उनके इस बयान पर सावल खड़े किए हैं।
हामिद अंसारी की टिप्पणी को लेकर पूछे गए सवाल पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वह एक बहुत प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं। उनके परिवार ने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि अंसारी ने भारतीय विदेश सेवा में रहते हुए देश की अच्छी सेवा की थी। ओवैसी ने हामिद अंसारी की विद्वता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई हामिद अंसारी की स्कॉलरशिप पर सवाल उठाता है या इस तरह पेश करता है जैसे वह देश से प्यार नहीं करते, तो वह इससे सहमत नहीं हैं। अंसारी एक विद्वान हैं। किसी व्यक्ति की बात से असहमत हुआ जा सकता है, लेकिन उसकी विद्वता पर सवाल उठाना गलत बात है।
हामिद अंसारी ने दिल्ली के इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में ए.जी. नूरानी की याद में आयोजित कार्यक्रम में उनकी 2019 की किताब The RSS: A Menace to India का जिक्र किया था। उन्होंने किताब में दर्ज जवाहरलाल नेहरू की एक पुरानी टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा था कि भारत के लिए असली खतरा कम्युनिज्म (साम्यवाद) नहीं, बल्कि 'हिंदू दक्षिणपंथी सांप्रदायिकता' (Hindu right-wing communalism) है।
अंसारी की टिप्पणी के बाद BJP की ओर से इसकी आलोचना की गई। BJP ने इसे कांग्रेस की राजनीति से जोड़कर सवाल उठाए। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अंसारी के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी आलोचना की थी। उन्होंने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति ने शुद्ध रूप से भारत की सनातन परंपरा को कोसने और भारत की हिंदू परंपरा को अपमानित करने के वक्तव्य दिए गए। उसको आतंकवाद से जोड़ने के कुत्सित प्रयास किए हैं।
Updated on:
20 Sept 2026 06:07 pm
Published on:
20 Sept 2026 06:07 pm
