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‘रात में परिवार के साथ खाना खाया, व्यवहार में कुछ भी असामान्य नहीं था’, पूर्व TMC विधायक आशीष बनर्जी के भाई का बयान

Ashis Banerjee: आशीष बनर्जी की संदिग्ध मौत से बंगाल की राजनीति में हलचल मच गई है। पार्टी कार्यालय में मिले कथित अंतिम नोट में उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार किया। परिवार ने भी कहा कि उनके व्यवहार में किसी परेशानी के संकेत नहीं थे।
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TMC leader Ashis Banerjee

पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी की हुई मौत (Photo-X @raviprakash_rtv)

Ashis Banerjee Death News: पश्चिम बंगाल में पूर्व डिप्टी स्पीकर और टीएमसी नेता आशीष बनर्जी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह पांच बार विधायक रह चुके थे और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे। आशीष बनर्जी का शव पार्टी कार्यालय के एक कमरे में मिला। उनके छोटे भाई प्रशांत बनर्जी भी शव मिलने के समय मौके पर मौजूद थे। उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी।

सुबह की रोजाना दिनचर्या के तहत पहुंचे थे पार्टी कार्यालय

प्रशांत बनर्जी ने कहा कि आशीष बनर्जी रोजाना सुबह टहलने के बाद कुछ समय पार्टी कार्यालय में बैठते थे। रविवार को भी उन्होंने अपनी यही दिनचर्या अपनाई थी। प्रशांत ने कहा कि शनिवार रात आशीष ने परिवार के साथ खाना खाया था और उनके व्यवहार में ऐसा कोई बदलाव नहीं दिखा, जिससे किसी परेशानी का अंदाजा हो। हम विश्वास ही नहीं कर पा रहे हैं कि उन्होंने यह कदम उठाया है। 

कमरे के दोनों दरवाजे अंदर से बंद थे

घटना के बारे में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक विदित राज भुंडेश ने कहा कि पुलिस जब TMC कार्यालय पहुंची तो कमरे के दोनों दरवाजे अंदर से बंद मिले। इसके बाद पुलिस ने एक दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। मौके से एक अंतिम नोट भी बरामद हुआ है। 

अंतिम नोट में भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार

पुलिस के मुताबिक, नोट आशीष बनर्जी के लेटरहेड पर लिखा हुआ है। इसमें उन्होंने खुद को किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल होने से इनकार किया है। नोट में कहा गया है कि उनकी छवि खराब करने और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी।

नोट में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उनका तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) की टेंडर प्रक्रिया में कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने टेंडर, चेक जारी करने, नक्शा स्वीकृति और अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) से जुड़े फैसलों में भी अपनी किसी भूमिका से इनकार किया।

आशीष बनर्जी ने यह भी लिखा कि उन्होंने कभी किसी काम के बदले पैसे नहीं लिए और राजनीति में आने को लेकर उन्हें अफसोस था। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर कुछ गलत चीजों को वह हमेशा स्वीकार नहीं कर पाते थे, लेकिन उनके खिलाफ खुलकर विरोध करने में असमर्थ रहे।

TRDA को लेकर पहले से उठ रहे थे सवाल

बता दें कि आशीष बनर्जी की मौत ऐसे समय हुई है जब TRDA को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे थे। बीजेपी ने हाल में आरोप लगाया था कि तारापीठ-रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी में वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं और आशीष बनर्जी की इसमें भूमिका रही है।

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