
लाठीचार्ज से नहीं, ऐसे हुई थी BJP नेता की मौत, वीडियो-टाइमिंग और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलट दिया केस
Bihar BJP Leader Death: बिहार की राजधानी पटना में BJP ने 13 जुलाई को एक मार्च निकाला था। इस दौरान लाठीचार्ज भी हुई थी। इसमें जहानाबाद के जिला महामंत्री विजय सिंह की मौत हो गई थी। आरोप थे कि उनकी मौत लाठीचार्ज के दौरान सिर पर लगे चोट के कारण हुई है। लेकिन, अब इसकी सच्चाई सामने आ गई है जिसमें मौत की दूसरी वजह सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 जुलाई को विजय कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी की गई। जिसमें पता चला कि उनकी मौत चोट के कारण नहीं बल्कि दिल का दौरा पड़ने से हुई है। विजय पहले से ही हृदय रोग से पीड़ित थे। और उनकी दो नसों में ब्लॉकेज था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पोस्टमार्टम के दौरान विजय कुमार सिंह के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं।
CCTV से पता चला सच
इस मामले की जांच कर रहे पटना के कलेक्टर डॉ चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट से साफ है कि विजय सिंह की मौत ह्रदय गति रुकने की वजह से हुई। पोस्टमार्टम में ये सामने आ चुका है कि उन्हें पहले से ही ह्रदय से जुड़ी बीमारी थीं। मेडिकल बोर्ड ने ये भी बताया है कि उनके शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं थे।
कलेक्टर ने आगे कहा कि CCTV फुटेज, उनके साथियों के बयान और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी यह साफ होता है कि उनकी मौत लाठीचार्ज से नहीं हुई। जिला प्रशासन ने बताया कि CCTV फुटेज में भी दिखाई दे रहा है कि विजय सिंह छज्जू इलाके में बेहोश हुए थे। ये करीब 1:22 बजे की घटना है। जबकि लाठीचार्ज 1:27 पर शुरू हुआ था।
बीजेपी का दावा लाठीचार्ज से हुई मौत
विधानसभा मार्च के दौरान मरने वाले विजय सिंह की मौत पर BJP ने भारी हंगामा किया। बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा समेत अन्य सभी नेताओं द्वारा दावा किया गया कि पुलिस लाठीचार्ज की वजह से उनकी जान गई। इस मामले पर सदन से लेकर सड़क तक पार्टी नेताओं ने प्रदर्शन किया था। इसे लेकर बीजेपी ने जांच समिति का गठन भी किया। लेकिन जांच एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो गया है कि विजय की मौत लाठीचार्ज के दौरान चोट लगने से नहीं हुई थी।
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जनता दल यूनाइटेड ने राजनैतिक लाभ उठाने का आरोप लगाया
मामले की सच्चाई सामने आने के बाद JDU BJP पर हमलावर है। JDU का कहना है कि BJP अपने नेता की मौत का राजनैतिक लाभ उठाना चाहती है। उन्होंने कहा कि ये BJP की ये पुरानी आदत है। आपदा में भी अवसर खोजती रहती है। 2013 में गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की एक रैली हुई थी। इसमें हुए आतंकी हमले में 6 लोग मारे गए थे। BJP ने मारे जाने वाले लोगों के परिवार से एक व्यक्ति को नौकरी देने का वादा किया था। इस घटना के 10 साल बीत गए लेकिन, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। वे केवल मौत का फायदा उठाना जानते हैं।
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Published on:
21 Jul 2023, 3:43 PM IST
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