
China Moon Mission: चीन चांद के अंधेरे वाले हिस्से (फारसाइड) से सैंपल पृथ्वी पर लाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। हालांकि वह पहले भी चांद से सैंपल ला चुका है, लेकिन इस हिस्से के सैंपल पहली बार पृथ्वी पर आए हैं। चांद पर गए चीन के चांगई-6 स्पेसक्राफ्ट ने मंगलवार को मंगोलिया में सुरक्षित लैंडिंग की। वैज्ञानिक सैंपल को हेलिकॉप्टर से लैब ले गए।
चीन के स्पेसक्राफ्ट में लगे एसेंडर ने चांद के अंधेरे वाले हिस्से से सैंपल लेकर चार जून को पृथ्वी की ओर उड़ान भरी थी। चीन पहुंचने में उसे 21 दिन लगे। एसेंडर वह यंत्र है, जो चांद की सतह से वापस उसकी कक्षा में आया। चीन की स्पेस एजेंसी सीएनएसए ने मिशन पिछले महीने लॉन्च किया था। यान दो जून को चांद की फारसाइड पर उतरा। इस लैंडिंग के साथ चीन दुनिया का पहला ऐसा देश भी बन गया, जिसने दो बार इस हिस्से में यान उतारा।
चीन के लिए यह मिशन आसान नहीं था। चांगई-6 यान चांद के दक्षिणी ध्रुव के एटकेन बेसिन में उतारा गया था। यह उल्कापिंड की टक्कर से बना चांद का विशालकाय क्रेटर है। यहां इतने गहरे गड्ढे हैं कि संचार सिस्टम में बाधा आती है। स्पेसक्रफ्ट ने अपनी इंटेलिजेंस और ऑनबोर्ड कंप्यूटर में लोडेड प्रोग्राम के हिसाब से काम किया।
इस मिशन की कामयाबी के बाद अंतरिक्ष क्षेत्र में चीन का दबदबा बढ़ गया है। अमरीका चांद पर एस्ट्रोनॉट्स भेजने के अलावा वहां अपना बेस बनाना चाहता है। चांगई-6 मिशन के बाद संभावना है कि अमरीका और अन्य देशों मुकाबले चीन यह काम पहले कर सकता है।
Updated on:
26 Jun 2024 08:01 am
Published on:
26 Jun 2024 07:51 am
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