
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच पिछले चार साल से जारी गतिरोध फिलहाल खत्म हो चुका है। तनाव कम होने के बाद भारतीय सेना ने शुक्रवार से पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में गश्त करना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में देपसांग सेक्टर में भी भारतीय और चीनी सैनिकों की गश्त शुरू हो सकती है। हाल ही भारत और चीन के बीच 2020 से पूर्व वाली स्थिति पर लौटने पर सहमति बनने के बाद चीन ने अपने सैनिकों को पीछे किया। कई चरणों की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच यह गतिरोध खत्म हुआ।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने ब्रिक्स सम्मलेन से ठीक एक दिन पहले खुलासा किया था कि दोनों देश के बीच सीमा पर जारी गतिरोध पर सहमति बन गई है। इसके बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच साल बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। जून 2020 में गलवां घाटी में हुई झड़प के बाद पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर टकराव की स्थिति थी और भारत-चीन संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे।
इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा कि वह अरुणाचल प्रदेश के बुमला में सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंंचे थे। यहां चीनी सेना के जवानों से बात करने और इन्फ्रास्ट्रक्चर को देखकर हर किसी को भारत के सीमाई इलाकों के विकास पर गर्व होगा।
Updated on:
2 Nov 2024, 7:28 AM IST
Published on:
2 Nov 2024, 7:28 AM IST
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