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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ( CJI NV Ramana ) मंगलवार सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर 9 नए न्यायाधीशों को पद की शपथ ( Oath ) दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त भवन परिसर में होगा। सर्वोच्च अदालत के इतिहास के पहली बार 9 न्यायाधीश एक साथ पद की शपथ लेंगे। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद नए न्यायाधीशों की नियुक्ति को अपनी मंजूरी दी थी। परंपरा के मुताबिक नए न्यायाधीशों को पद की शपथ सीजेआई कोर्ट रूम में दिलाई जाती है।
कल नौ नए न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के साथ शीर्ष अदालत में सीजेआई सहित जजों की संख्या बढ़कर 33 हो जाएगी। वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सहित कुल जजों की स्वीकृत संख्या 34 है।
पहली बार 9 न्यायाधीश एक साथ लेंगे शपथ
शीर्ष अदालत जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत के उच्चतम न्यायालय के इतिहास में पहली बार है जब नौ न्यायाधीश एक साथ एक बार में पद की शपथ लेंगे। इस बार शपथ ग्रहण स्थल को सभागार में स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसा कोविड-19 प्रोटोकॉल के कठोरता से पालन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। शपथ ग्रहण समारोह का डीडी न्यूज, डीडी इंडिया पर सीधा प्रसारण किया जाएगा और लाइव वेबकास्ट उच्चतम न्यायालय के आधिकारिक वेब पोर्टल के होम पेज पर भी उपलब्ध होगा।
सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) के न्यायाधीशों के रूप में पद की शपथ लेने वाले नौ नए न्यायाधीशों में जस्टिस अभय श्रीनिवास ओका, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी, जस्टिस हिमा कोहली, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, जस्टिस सीटी रवि कुमार, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और पीएस नरसिंह का नाम शामिल शामिल है।
2027 में जस्टिस नागरत्ना बन सकती है देश की पहली महिला सीजेआई
जस्टिस बीवी नागरत्ना सितंबर 2027 में पहली महिला प्रधान न्यायाधीश बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना का 30 अक्टूबर 1962 को जन्म हुआ था। वह पूर्व प्रधान न्यायाधीश ईएस वेंकटरमैया की बेटी हैं। इन नौ नए न्यायाधीशों में से तीन जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस नागरत्ना और जस्टिस नरसिंह प्रधान न्यायाधीश बनने की कतार में हैं।
वर्तमान में न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी शीर्ष अदालत में एकमात्र सेवारत महिला न्यायाधीश हैं। उन्हें सात अगस्त 2018 को मद्रास उच्च न्यायालय से पदोन्नत कर सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होते हैं। वहीं सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 है। अगस्त 2021 की शुरुआत में CJI एनवी रमण की अध्यक्षता वाले पांच सदस्यीय कॉलेजियम ने शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए नौ नामों की सिफारिश की थी।
Updated on:
30 Aug 2021, 11:17 PM IST
Published on:
30 Aug 2021, 10:51 PM IST
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