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मीडिया घरानों का दूसरे धंधों में प्रवेश स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतंत्र के लिए चुनौतीः CJI एन.वी. रमणा

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायधीश एनवी रमणा ने मीडिया और पत्रकारिता को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। मंगलवार को दिल्ली में आयोजित राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक विद्यावाचस्पति गुलाब कोठारी के ग्रंथ 'गीता विज्ञान उपनिषद' के विमोचन के मौके पर सीजेआई ने कहा कि मीडिया घरानों का दूसरे धंधों में प्रवेश लोकतंत्र के लिए चुनौती है।
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नई दिल्ली

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Prabhanshu Ranjan

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Updated: 27 Jul 2022, 8:16 AM IST

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CJI Ramana Statement on media houses independent journalism democracy

देश के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा ने मीडिया घरानों की दूसरे धंधों में प्रवेश की प्रवृत्ति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति स्वतंत्र पत्रकारिता और लोकतंत्र दोनों के लिए चुनौती है क्योंकि जब मीडिया घराने दूसरा व्यवसाय करते हैं तो उन पर बाहरी दबाव होता है जिसके कारण पत्रकारिता की स्वतंत्रता पीछे रह जाती है। राजस्थान पत्रिका समूह व्यावसायिक हितों के बजाय सही मायनों मे जड़ों से जुडक़र काम कर रहा है।

प्रधान न्यायाधीश रमणा ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय समारोह में राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान सम्पादक विद्यावाचस्पति गुलाब कोठारी के लिखे ग्रंथ ‘गीता विज्ञान उपनिषद’ का विमोचन करने के बाद यह बात कही। वे समारोह के मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की। इस ग्रंथ में गुलाब कोठारी ने गीता की व्याख्या नए ढंग करते हुए शास्त्रों की गूढ़ता से परे नई पीढ़ी के समझने की भाषा में प्रस्तुत किया है।

कर्पूर चन्द्र कुलिश अवार्ड की सीजेआई ने की प्रशंसा-
प्रधान न्यायाधीश रमणा ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश के नाम पर दिए जा रहे अंतरराष्ट्रीय अवार्ड की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस पहल से पत्रिका समूह मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में अग्रणी बना हुआ है और नवोदित पत्रकारों को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि जब हमारे चेहरे पर उदासी होती है तो गीता से एक रोशनी दिखाई देती है और चेहरे पर खुशी का आभास होता है।

निष्काम कर्म करने वाले को निश्चित मिलती सफलताः स्पीकर
समारोह की अध्यक्षता करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि निष्काम कर्म करने वाले को निश्चित तौर पर सफलता मिलती है। गीता ऐसा ग्रंथ है जो व्यक्ति के जीवन से तनाव और विचलन को दूर कर देता है। दुनिया के कई देश ऐसे हैं जो भौतिक वाद और विज्ञान के क्षेत्र में तो आगे हैं पर आध्यात्म उनके यहां नहीं है जिसके कारण वहां तनाव और अवसाद हावी है।

गीता संपूर्ण जीवन का सार हैः गुलाब कोठारी
पुस्तक के लेखक गुलाब कोठारी ने गीता और ब्रह्म की विवेचना करते हुए कहा कि गीता संपूर्ण जीवन का सार है। कोठारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का पालन नहीं होने पर चिंता जताई और नए-नए कानून बनाने की प्रवृत्ति पर सवाल भी खड़े किए। पत्रिका समूह के कार्यकारी संपादक नीहार कोठारी ने आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ज्यादातर लोकतांत्रिक देशों में दूरगामी और असरदार चर्चा व बहस की कमी देखी जा रही है जिसे मीडिया संस्थानों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

समारोह में कई केंद्रीय मंत्री भी थे शामिल-
समारोह में सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी, ऋषिकेश रॉय, विक्रम नाथ, बीआर गवई , केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, मीनाक्षी लेखी और एसपी सिंह बघेल के अलावा लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों के अलावा बड़ी संख्या में न्यायविद, राजनेता, प्रशासनिक अधिकारी, वैदिक अध्येता व संस्कृतविज्ञ शामिल थे।