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वायनाड में कांग्रेस ने किया 100 नए घर बनाने का ऐलान, CPIM विधायक करेंगे एक महीने की सैलरी दान

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सीएमडीआरएफ में 1 लाख रुपये और उनकी पत्नी टीके कमला ने 33,000 रुपये का योगदान दिया।
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केरल में सत्तारूढ़ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के विधायक वायनाड भूस्खलन से प्रभावित लोगों के लिए मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में अपना एक महीने का वेतन - 50,000 रुपये - दान करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सीएमडीआरएफ में 1 लाख रुपये और उनकी पत्नी टीके कमला ने 33,000 रुपये का योगदान दिया। इससे पहले, सीपीआई-एम के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने कहा कि पार्टी की केरल इकाई ने राहत कोष में 25 लाख रुपये का योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की त्रिपुरा और तमिलनाडु इकाइयों ने 10-10 लाख रुपये का योगदान दिया है।

शशि थरूर ने भी संभाला मोर्चा

वायनाड के कलपेट्टा में, तिरुवनंतपुरम में सांसद कार्यालय द्वारा आयोजित राहत सामग्री के दो ट्रक उतारने में मदद की। जबकि राहत शिविरों में भोजन की कोई कमी नहीं है, बेघर लोग फर्श पर सो रहे हैं। हमने अन्य आपूर्ति के साथ उनके लिए नरम और स्पंजी बिस्तर भी लाए हैं।

कांग्रेस सांसद शशि थरूर कहते हैं, "वायनाड में भोजन वगैरह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन हम लोगों की मदद करने के लिए कुछ गद्दे, मुलायम स्पंजी चीजें ला पाए हैं, जिन्हें आप फर्श पर बिछाकर लेट सकते हैं। लेकिन ये सभी तत्काल, तत्काल प्रतिक्रियाएँ हैं। हमें दीर्घकालिक दृष्टि से भी सोचना होगा। उदाहरण के लिए, राहत शिविर सभी स्कूलों में हैं, लेकिन स्कूलों को फिर से खोलना होगा। बच्चों को स्कूल वापस जाना होगा और पढ़ाई करनी होगी। इसलिए हमें उन्हें दीर्घकालिक आवासीय व्यवस्था, किराए के घरों या छात्रावासों में ले जाने की आवश्यकता है। और सरकार को भूमिका निभानी होगी और फिर हम सभी मदद करेंगे। फिर हमें दीर्घकालिक अवधि के लिए उनके लिए घर बनाने होंगे।

कांग्रेस बनाएगी 100 से अधिक घर

शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, राहुल गांधी ने घोषणा की है कि कांग्रेस अकेले 100 से अधिक घर बनाएगी… इसलिए पुनर्वास एक बड़ा मुद्दा है… अब जाहिर तौर पर केंद्र सरकार की ओर से केरल में पश्चिमी घाट के पास 10,000 वर्ग किलोमीटर को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव आ रहा है। वे अगले 60 दिनों के लिए जनता से टिप्पणियाँ माँग रहे हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि जनता ही हितधारक है। हमें वास्तव में देखना होगा कि वे क्या महसूस करते हैं क्योंकि यह उनका भविष्य और उनका जीवन है जो इस सब से प्रभावित होगा… मैंने तीन दिन पहले गृह मंत्री को लिखा था कि हमें निश्चित रूप से इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का प्रावधान करना चाहिए, ताकि सांसद निधि के तहत, भारत के सभी सांसद (लोकसभा में 543 और राज्यसभा में 250) यदि वे चाहें तो वायनाड के पीड़ितों को एक करोड़ तक की सहायता देने के हकदार होंगे। मैं अभी भी जवाब का इंतजार कर रहा हूं क्योंकि वर्तमान में सांसद निधि नियमों के तहत, केवल स्थानीय सांसद, वायनाड के सांसद ही पैसा देने की स्थिति में हैं, और वायनाड में कोई सांसद नहीं है, इसलिए उन्होंने अभी तक उपचुनाव भी नहीं बुलाया है।