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‘आयोग के दरवाजे बंद, इसलिए गेट तक आना पड़ा’, पवन खेड़ा ने EC पर साधा निशाना

Congress protest Election Commission: उत्तराखंड में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया। कुमारी सैलजा, पवन खेड़ा और गणेश गोदियाल समेत नेताओं ने आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए करीब 8 लाख मतदाताओं के प्रभावित होने का दावा किया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
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भारत

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Ashib Khan

Aug 20, 2026

congress protest

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा (Photo-IANS)

Uttarakhand Voter List Controversy: उत्तराखंड में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर धरना दिया। इस दौरान ईसी पर गंभीर सवाल भी उठाए। कांग्रेस नेताओं ने 'चुनाव आयोग होश में आओ, होश में आओ', 'चुनाव आयोग ज्ञापन लो', 'लोकतंत्र की हत्यारी ये सरकार नहीं चलेगी' और 'संविधान विरोधी ये सरकार नहीं चलेगी’ जैसे नारे भी लगाए। इस दौरान कुमारी सैलजा, पवन खेड़ा समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। 

उत्तराखंड में हो रही गड़बड़ी- सैलजा

कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपना चाहता था, लेकिन उन्हें आयोग से मुलाकात का समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले प्रतिनिधिमंडल को आयोग के अधिकारियों से मिलने, अपनी बात रखने और संवाद करने का अवसर मिलता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

सैजला ने उठाए सवाल

इस दौरान कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि आखिर यह कैसा लोकतंत्र है, जहां चुनाव आयोग ने अपने कार्यालय के गेट बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि मामला केवल किसी एक उम्मीदवार या एक मतदाता का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लोकतंत्र से जुड़ा है। 

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि करीब 8 लाख लोगों के वोट प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। वोटरों के नाम हटाने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं। 

पवन खेड़ा ने ईसी ने साधा निशाना

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आयोग को अपने प्रतीक के रूप में जंजीर और ताला अपना लेना चाहिए। 

खेड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग के दरवाजे जनता और उसके प्रतिनिधियों के लिए बंद होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पिछले आठ दिनों से आयोग से मिलने का समय मांग रही थी, लेकिन समय नहीं मिला, जिसके कारण नेताओं को आयोग के गेट तक आना पड़ा।

‘वोटर लिस्ट में की जा रही गड़बड़ी’

वहीं उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र और बिहार की तरह उत्तराखंड में भी चुनाव से पहले मतदाता सूची में गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पात्र मतदाताओं के नाम कथित तौर पर हटाए जा रहे हैं। आर्य के मुताबिक, कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई, लेकिन उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हुई।

आर्य ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विचारधारा से जुड़े मतदाताओं के नाम चुन-चुनकर हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे के खिलाफ एकजुट होकर लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ेगी।

उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी पिछले कई दिनों से चुनाव आयोग से मिलने का समय मांग रही थी। उन्होंने कहा कि गुरुवार सुबह भी प्रतिनिधिमंडल आयोग पहुंचा और मुलाकात के लिए अनुरोध किया, लेकिन समय नहीं दिया गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं के पास आयोग के गेट तक जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल अपना ज्ञापन सौंपना और अपनी शिकायतों से चुनाव आयोग को अवगत कराना था। उनके मुताबिक, बाद में आयोग के अधिकारियों ने नीचे आकर ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग भी बिना किसी पूर्वाग्रह के कांग्रेस की शिकायतों पर विचार करेगा और उचित कार्रवाई करेगा।