
Cyclone Remal: चक्रवाती तूफान रेमल रविवार की रात पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के समुद्र तटों पर दस्तक दे सकता है। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान शनिवार शाम गहरे दबाव में बदल गया। तूफान 110 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि रविवार आधी रात को पश्चिम बंगाल तट से टकराने की प्रबल संभावना है। आईएमडी ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। सेना और नौसेना ने किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कोलकाता एयरपोर्ट ने रविवार दोपहर 12 बजे से सोमवार सुबह 9 बजे तक 21 घंटों के लिए उड़ानें रोक दी है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की चेतावनी दी गई है।
आईएमडी ने चक्रवात के मद्देनजर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में 27-28 मई को अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने 26 और 27 मई को पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों दक्षिण और उत्तर 24 परगना के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है।
चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में बैठक हुई। एनडीआरएफ ने 12 टीमों को तैनात किया है। पांच अतिरिक्त टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। जहाजों और विमानों के साथ सेना, नौसेना और तटरक्षक बल की बचाव और राहत तैयार हैं। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात का नामकरण इस बार ओमान ने किया है। रेमल एक अरबी शब्द है जिसका अर्थ ‘रेत’ है।
आईएमडी की रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में फूस के घरों, फसलों, पेड़ों के उखड़ने और निचले इलाकों में बाढ़ से बड़े नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। वहीं इस गंभीर चक्रवात के खतरे से बिजली और संचार लाइनों को भारी नुकसान हो सकता हैै।
इस बीच चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की शुक्रवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में बैठक हुई। कैबिनेट सचिव ने पश्चिम बंगाल सरकार को आश्वासन देते हुए कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए सभी केंद्रीय एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं और सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगी।
Updated on:
26 May 2024 08:32 am
Published on:
26 May 2024 08:32 am
