
पुलिस ने पीजी संचालक को किया गिरफ्तार (Photo-IANS)
Delhi Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में इमारत ढहने से सात लोगों की मौत के मामले मे पुलिस ने एक और गिरफ्तारी की है। पुलिस ने पीजी आवास चलाने वाले ऑपरेटर सुधांशु को पकड़ा है। हालांकि अभी भी इस मामले में दूसरा ऑपरेटर फरार चल रहा है। जिसको पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक, पांच मंजिला इस इमारत को दो बिजनेस पार्टनर मिलकर चला रहे थे। दोनों ने अगस्त 2025 में यह संपत्ति लीज पर ली थी। हादसे के बाद से ही पुलिस मामले की जांच में जुटी थी।
इससे पहले पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर को भी गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह इमारत के बेसमेंट में चल रहे ‘मरम्मत’ के काम की निगरानी कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि इसी काम के दौरान हुए बदलावों के कारण इमारत की संरचना कमजोर हुई और वह ढह गई। रविवार दोपहर हुए इस हादसे में सात लोगों की जान चली गई थी।
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, पिछले 8-10 दिनों से बारिश के कारण बेसमेंट में कचरा और मलबा जमा हो रहा था। इसे हटाने और जगह को दुरुस्त करने के लिए बेसमेंट में मरम्मत का काम कराया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, ग्राउंड फ्लोर पर भी व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार के उद्देश्य से मरम्मत का काम चल रहा था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
इस मामले में पुलिस ने सोमवार को राजस्थान के भिवाड़ी से मकान मालिक परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें 81 वर्षीय हरिराम बंसल, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता शामिल हैं।
हरिराम बंसल और उनकी पत्नी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, उनके बेटे महेश गुप्ता को, जो पुलिस के मुताबिक इमारत के संचालन और देखरेख का काम संभालते थे, दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।
पूछताछ के दौरान महेश ने पुलिस को किराये का वह समझौता उपलब्ध कराया, जो उनकी मां और पीजी संचालकों के बीच हुआ था। पुलिस के मुताबिक, समझौते में पीजी चलाने वाले दो साझेदारों के नाम शुभम त्यागी और सुधांशु बताए गए हैं। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
पुलिस अब फरार दूसरे पीजी संचालक की तलाश कर रही है। साथ ही, इमारत में कराए जा रहे निर्माण और मरम्मत कार्यों, उसकी अनुमति तथा सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा रही है।
Updated on:
09 Sept 2026 10:33 am
Published on:
09 Sept 2026 10:33 am
