29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इस राज्य में अपराधियों की खैर नहीं, अब हवा से नकेल कसेगी ड्रोन पुलिस

Drone police Unit : भारत में पहली बार अपराधियों को पकड़ने के लिए ड्रोन पुलिस यूनिट की शुरुआत की गई है। तमिलनाुड में ड्रोन पुलिस यूनिट की शुरुआत की गई है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Jyoti Singh

•

Updated: 1 Jul 2023, 3:22 PM IST

drone_police_to_monitor_criminals_from_air_in_chennai_first_of_kind_in_india.jpg

भारत के तमिलनाुड में अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एक नई शुरुआत की गई है। यहां गुरुवार को पहली बार ड्रोन पुलिस यूनिट की शुरुआत की गई है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो ग्रेटर चेन्नई पुलिस की ओर से तमिलनाुड में ड्रोन पुलिस यूनिट की शुरुआत की गई है। जिसका काम हवा से अपराधियों पर नजर रखना होगा। इससे राज्य में अपराधियों और संदिग्धों की पहचान, बड़ी सभाओं की निगरानी और व्हिकल रजिस्ट्रेशन डेटा की वास्तविक समय पर जांच आदि करने में सहूलियत हो सकेगी।

पूरी परियोजना पर खर्च हुए 3.6 करोड़ रुपए

चेन्नई पुलिस की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के हवाले से मीडिया में जो रिपोर्ट आ रही हैं, उनके मुताबिक, ड्रोन पुलिस यूनिट बनाने की चेन्नई पुलिस की इस पूरी परियोजना पर करीब 3.6 करोड़ रुपए की लागत आई है। इस सुविधा का उद्घाटन तमिलनाडु के निवर्तमान पुलिस महानिदेशक सी सिलेंद्र बाबू ने अडयार के बेसेंट एवेन्यू में किया है। इसके उद्घाटन के अवसर पर चेन्नई पुलिस आयुक्त शंकर जीवाल भी उपस्थित थे।


तीन श्रेणियों के लिए कुल नौ ड्रोन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई पुलिस की ओर से भारत में की जाने वाली ये पहल ड्रोन पुलिस यूनिट को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसके साथ ही तीन श्रेणियों के लिए कुल नौ ड्रोन कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। यानी कि एक श्रेणी के लिए तीन ड्रोन कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। इन नौ ड्रोन में से 6 ड्रोन क्विक रिस्पांस सर्विलांस ड्रोन, 01 हेवी लिफ्ट मल्टीरोटर ड्रोन, दो लाॅन्ग रेंज सर्वे विंग प्लेस ड्रोन शामिल हैं।

वास्तविक समय की जांच करने में सहयोगी

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ये ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की अत्यधिक तकनीक से लैस हैं। इन्हें ग्राउंड स्टेशन से करीब पांच से दस किलोमीटर की दूरी तक संचालित किया जा सकता है। इन ड्रोन कैमरों में एएनपीआर कैमरे लगे हुए हैं, जो वाहनों के पंजीकरण डेटाबेस के साथ वास्तविक समय की जांच करने में भी सहयोगी साबित होंगे। इन कैमरों की मदद से संदिग्धों और चोरी किए गए वाहनों का पता लगाने में मदद भी मिल सकेगी।

यह भी पढ़े - अमरनाथ यात्रा आज से शुरू, बाबा बर्फानी के दर्शन को श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना, देखें वीडियो
यह भी पढ़े - UP-दिल्ली से गुजरात तक झमाझम बारिश, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट, जानें देशभर में आज कैसा रहेगा हाल