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सावधान! ‘इनकॉग्निटो’ मोड में सर्च करने वालों जासूसी करता है गूगल, देना पड़ सकता है 41 हजार करोड़ का जुर्माना

Google spies: गूगल के खिलाफ जासूसी करने के आरोप में लॉ फर्म बोइज़ शिलर फ्लेक्सनर द्वारा 2020 में मुकदमा दायर किया गया था।
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नई दिल्ली

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Prashant Tiwari

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Updated: 30 Dec 2023, 11:30 AM IST

 Google spies on those searching in Incognito mode pay a fine of 41 thousand crores



दुनिया की सबसे बड़ा सर्च इंजन गूगल की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही है। कंपनी यूजर्स की जासूसी करने का आरोप झेल रही कंपनी मुकदमे को निपटाने की कोशिश में जुटी हुई है। बता दें कि गूगल पर आरोप है कि उसने इनकॉग्निटो मोड (प्राइवेट मोड) में सर्च करने पर भी यूजर्स को ट्रैक करके उनकी जासूसी की थी। इसके अलावा कंपनी पर आरोप है कि गूगल एनालिटिक्स, कूकीज और ऐप्स के जरिए यूजर्स के पर्सनल डाटा को चुराता और जासूसी करता है।

कंपनी पर लग सकता है 5 बिलियन डॉलर का जुर्माना

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुनिया के जाने-माने सर्च इंजन गूगल से पीड़ितों ने 5 बिलियन डॉलर (लगभग 41 हजार करोड़ रुपये) की मुआवजे की मांग की थी। इस मामले में सुनवाई के दौरान अमरीकी जिला न्यायाधीश यवोन गोंजालेज रोजर्स ने गुरुवार को कैलिफोर्निया में मामले की निर्धारित सुनवाई रोक दी, क्योंकि वकीलों ने कहा कि वे प्रारंभिक समझौते पर पहुंच गए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी इस मुकदमे के निपटारे के लिए फरवरी, 2024 तक अदालत के सामने एक औपचारिक समझौता पेश कर सकती हैं ।फिलहाल इस मामले से जुड़े वकीलों की ओर से इस समझौते की सभी शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है।

2020 में दर्ज कराया गया था मुकदमा

बता दें कि गूगल के खिलाफ जासूसी करने के आरोप में लॉ फर्म बोइज़ शिलर फ्लेक्सनर द्वारा 2020 में मुकदमा दायर किया गया था। फर्म ने आरोप लगाया था कि सर्च इंजन ने यूजर की गतिविधि को तब भी ट्रैक किया था जब उन्होंने Google Chrome ब्राउजर को ‘इनकॉग्निटो’ मोड और अन्य ब्राउजरों को ‘प्राइवेट मोड’ पर सेट किया था।

इसमें कहा गया है कि इसने Google को यूजर्स की प्राथमिकताओं और ‘संभावित रूप से शर्मनाक चीजों’ पर ‘जानकारी के बेहिसाब भंडार’ में बदल दिया है। इसमें कहा गया है कि Google ‘कंप्यूटर या फोन वाले लगभग हर यूजर्स का गुप्त डेटा एक्सेस या संग्रह करना जारी नहीं रख सकता है।

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