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हाफिज सईद के बचाव में पाकिस्तान ने दिखाई बेशर्मी, भारत के अनुरोध को ठुकराया, कहा- हमारे बीच नहीं हुई ऐसी कोई संधि

Hafiz Saeed: भारत ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक, 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी हाफिज सईद के प्रत्यर्पण की मांग की है।
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नई दिल्ली

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Prashant Tiwari

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Updated: 30 Dec 2023, 10:31 AM IST

 Pakistan rejected India extradition request of Hafiz Saeed


भारत के दुश्मन नंबर एक हाफिज सईद को लेकर एक बार फिर से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने शुक्रवार को बताया कि भारत ने लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के संस्थापक, 2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड और संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकवादी हाफिज सईद के प्रत्यर्पण की मांग की है। हालांकि पाकिस्तान ने भारत के अनुरोध को ठुकराते हुए कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यर्पण को लेकर कोई भी संधि मौजूद नहीं है। ऐसे में पाकिस्तान ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाएगा।

भारत में आतंकी हमलों का मास्टर माइंड है सईद

बता दें कि आतंकी हाफिज सईद भारत में कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है। आतंक के कई मामलों में वह भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा वांछित है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को बताया कि पाकिस्तान में मौजूद, सईद के प्रत्यर्पण की डिमांड संबंधी दस्तावेजों को हाल ही में इस्लामाबाद भेजा गया था।

भारत ने भेजी है प्रत्यर्पण डिमांड

नई दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए अरिंदम बागची ने कहा कि हमने इस मामले में एक जरूरी सहायक दस्तावेजों के साथ पाकिस्तान सरकार को अपनी डिमांड भेजी है। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया ने बताया कि जब इस मुद्दे पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया गया, तो विदेश कार्यालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलूच ने कहा कि पाकिस्तान को भारतीय अधिकारियों से तथाकथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सईद के प्रत्यर्पण की मांग करने वाला अनुरोध मिला है।

भारत-पाक के बीच नहीं है प्रत्यर्पण संधि

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में यह ध्यान रखने वाली बात है कि, पाकिस्तान और भारत के बीच कोई द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि मौजूद नहीं है। हालांकि, मामले से जुड़े और जानकार लोगों का मानना है कि इस तरह के फ्रेमवर्क समझौते के अभाव में भी प्रत्यर्पण संभव है। बता दें कि हाफिद सईद एक कट्टरपंथी मौलवी है, जिसे जुलाई 2019 में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) द्वारा उसके और उसके करीबी सहयोगियों के खिलाफ दर्ज 23 FIR के बाद गिरफ्तार किया गया था।

इसके बाद अप्रैल 2022 में पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी अदालत द्वारा आतंक वित्तपोषण के दो मामलों में 33 साल की संयुक्त सजा दी गई थी। सईद के नेतृत्व वाला जेयूडी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) का मुखौटा संगठन है, जो 2008 के मुंबई हमले को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार है। इस हमले में छह अमेरिकियों सहित 166 लोग मारे गए थे।

अमेरिका ने रखा है 1 करोड़ डॉलर का इनाम

बता दें कि हाफिज सईद के संगठन पर अमेरिका ने इनाम भी रखा हुआ है। अमेरिका ने हाफिज के संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) को भी आतंकी घोषित किया है और उसपर 1 करोड़ डॉलर का इनाम रखा है। आतंकी फंडिंग मामले में उसे जेल में बंद किया गया है।

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