
Indian student dies in shelling in Ukraine's Kharkiv- MEA
रूस यूक्रेन के बीच जंग ने भारत को एक बड़ा जख्म दिया है। इस जंग में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जानकारी दी कि आज सुबह खारकीव में हुई बमबारी में एक भारतीय स्टूडेंट की मौत हो गई है। ये छात्र कर्नाटक के हावेरी जिले का रहने वाला था। पीएम मोदी ने छात्र के परिजनों से बात कर दुख व्यक्त किया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बताया, ' गहरे दुख के साथ हम इस बात की पुष्टि कर रहे हैं कि आज सुबह खारकीव में हुई बमबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई। मंत्रालय छात्र के परिवार के संपर्क में है। हम परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।'
उन्होंने आगे कहा, 'विदेश सचिव रूस और यूक्रेन के राजदूतों से भारतीय नागरिकों के लिए तत्काल सुरक्षित मार्ग बनाने की मांग कर रहे हैं जो अभी भी खार्किव और अन्य संघर्ष क्षेत्रों में शहरों में हैं। इसी तरह की कार्रवाई रूस और यूक्रेन में हमारे राजदूतों द्वारा भी की जा रही है।'
वहीं, कर्नाटक में सीएम बसवराज बोम्मई ने भी छात्र के परिजनों से फोन पर बात की है और सांत्वना व्यक्त की है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान हावेरी जिले के रानेबेन्नूर तालुक के चलगेरी गांव के 21 वर्षीय नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौदर के रूप में हुई है। वह पिछले चार साल से खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में मेडिसिन की पढ़ाई कर रहा था।
भारतीय छात्र की पहचान कर्नाटक के 21 वर्षीय Naveen Shekharappa Gyanagoudar के रूप में हुई है। वह खार्किव में खार्किव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में चौथे वर्ष का छात्र था। नवीन के छात्रावास में साथ रहने वाले श्रीधरन गोपालकृष्णन ने बताया कि, "नवीन की यूक्रेन के समयानुसार आज सुबह करीब 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह एक किराना दुकान के सामने कतार में खड़ा था तभी रूसी सेना ने लोगों पर गोलियां चलाईं। उसके शव के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। हम में से कोई भी अस्पताल जाने में सक्षम नहीं था, शायद इसे अभी रखा गया है।"
चेन्नई के रहने वाले गोपालकृष्णन ने आगे कहा कि "उन्होंने अब एक छात्रावास के बंकर में शरण ली है और उनके लिए निकासी योजना के बारे में कोई खबर नहीं है। केवल अफवाहें, भारतीय अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं है।"
भारतीय छात्र की मौत की खबर यूक्रेन में भारतीय दूतावास द्वारा अपने नागरिकों से राजधानी कीव को तत्काल छोड़ने के लिए कहने के एक घंटे के भीतर आई। कीव में भारतीयों के लिए advisiory जारी की गई है जिसमें भारतीय छात्रों सहित सभी भारतीय नागरिकों को तत्काल कीव छोड़ने की सलाह गई है।
बता दें कि भारत सरकार ने युद्धग्रस्त यूक्रेन से अपने फंसे हुए नागरिकों को पड़ोसी देशों के रास्ते वापस लाने के लिए मिशन गंगा शुरू किया है और निकासी प्रक्रिया में सहायता के लिए अपने वरिष्ठ मंत्रियों को भेजा है। आज भी कई छात्रों को वापस लाया गया है।
सूत्रों के अनुसार 9000 से अधिक भारतीय नागरिक यूक्रेन से निकाले जा जुके हैं, जबकि काफी संख्या में भारतीय नागरिक अब सुरक्षित क्षेत्रों में हैं। हम यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करना जारी रखेंगे।
Updated on:
1 Mar 2022, 5:54 PM IST
Published on:
1 Mar 2022, 3:33 PM IST
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