
Thailand Temple (Photo-YouTube/Anything Banshi)
नई दिल्ली। थाईलैंड में बेहद कम बजट में घूम रहे भारतीय यूट्यूबर को एक बौद्ध मंदिर में रात बिताने के लिए तंबू लगाने पर वहां से जाने को कहा गया। इस घटना के बाद इंटरनेट पर उनकी आलोचना हो रही है। कई लोगों ने बिना पैसे के थाईलैंड घूमने के उनके तरीके पर सवाल उठाए हैं।
बंशी ‘एनीथिंग बंशी’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाते हैं। वह बिना पैसे के दुनिया घूमने की कोशिश के तहत थाईलैंड पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने उडोन थानी के एक मंदिर परिसर में रात बिताने के लिए टेंट लगाने की कोशिश की। इसके बाद वहां कई पुलिसकर्मी पहुंचे और उनसे बार-बार मंदिर से जाने को कहा।
यूट्यूबर ने पुलिस और मंदिर प्रबंधन को समझाने की कोशिश की कि एक भिक्षु ने उन्हें रात में मंदिर में रुकने की अनुमति दी थी। करीब 20 मिनट तक यह बातचीत चली, लेकिन उन्हें वहां रुकने की इजाजत नहीं मिली।
पुलिसकर्मियों और मंदिर समिति के सदस्यों ने उनसे सामान समेटकर जाने को कहा। उन्होंने बताया कि मंदिर बाहरी लोगों के रात बिताने की जगह नहीं है। पुलिस ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पास के एक सस्ते होटल में ठहरने का सुझाव दिया, जहां एक रात का किराया करीब 400 बाट था। हालांकि, बंशी ने खर्च कम रखने की बात कहते हुए यह प्रस्ताव ठुकरा दिया।
यह मामला रविवार, 11 अक्टूबर को थाईलैंड के समाचार माध्यमों खाओसोड और नेवना की खबरों के बाद चर्चा में आया। इसके बाद बंशी ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो साझा किया। वीडियो का शीर्षक था- 'थाईलैंड की अच्छी पुलिस ने मंदिर से तुरंत निकलने को कहा, थाई मंदिर में पहला खराब अनुभव।' बंशी के मुताबिक, वह थाईलैंड में बिना पैसे के यात्रा कर रहे थे और भोजन सहित दूसरी जरूरतों के लिए लोगों से मदद मांग रहे थे।
वीडियो सामने आने के बाद कई भारतीय दर्शकों ने उनकी आलोचना की। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियों से देश की छवि खराब होती है। एक दर्शक ने टिप्पणी की कि थाई पुलिस ने स्थिति को सही तरीके से संभाला, लेकिन यूट्यूबर को देश से वापस भेज देना चाहिए था। एक अन्य दर्शक ने कहा कि अगर उनके पास पैसे नहीं हैं, तो उन्हें यात्रा के लिए दूसरे भारतीयों से मदद मांगनी चाहिए।
थाईलैंड भारतीय पर्यटकों के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है, जो अपने खूबसूरत समुद्र तटों और शानदार नाइटलाइफ़ के लिए जाना जाता है। थाईलैंड में भारतीय पर्यटकों को वीजा-मुक्त प्रवेश और अधिकतम 30 दिन तक ठहरने की सुविधा दी जाती है। हालांकि, यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था और खर्च के लिए पर्याप्त धन से जुड़े नियमों का पालन करना होता है।
बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, थाईलैंड जाने वाले भारतीय यात्रियों के पास ठहरने के स्थान का प्रमाण होना चाहिए। यदि कोई यात्री अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के यहां ठहरने वाला है, तो उसे निमंत्रण पत्र के साथ संबंधित व्यक्ति के पहचान पत्र या पासपोर्ट की प्रति देनी होती है इसके अलावा, वीजा-मुक्त प्रवेश और आगमन पर वीजा की सुविधा लेने वाले पर्यटकों के पास पर्याप्त नकदी या बैंक में राशि होनी चाहिए। इसके लिए प्रति व्यक्ति कम से कम 10,000 बाट या प्रति परिवार 20,000 बाट की राशि निर्धारित है।
Updated on:
12 Oct 2026 04:05 pm
Published on:
12 Oct 2026 04:05 pm
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