
इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा निकाला जा रहा प्रदर्शन (Photo-IANS)
INDIA Bloc Protest March: दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं का सुप्रीम कोर्ट तक मार्च शुरू हो गया है। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने का आरोप लगाया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह, कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और वरिष्ठ अधिवक्ता एवं कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने लोकतंत्र, संविधान और विरोध करने के अधिकार को लेकर अपनी बात रखी।
मार्च के दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने बीजेपी की राजनीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उसका उद्देश्य देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करना है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को पहले ही काफी नुकसान पहुंचाया जा चुका है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयुक्तों की असहमति और 'फॉर्म 6' में किए गए संशोधन का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि कई फैसले चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया था कि इस संबंध में उसकी ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश की जा रही है, जिससे देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है। परगट सिंह ने राहुल गांधी के उस रुख का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को बचाने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस दिशा में कदम उठाने के लिए गंभीर नहीं है।
कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से INDIA ब्लॉक के प्रतिनिधियों से मुलाकात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर मुख्य न्यायाधीश हमसे मुलाकात नहीं करेंगे, तो जनता की शिकायतें कौन सुनेगा? हम उनसे मुलाकात करने का आग्रह करते हैं।
इस दौरान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने लोकतंत्र और संविधान में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से विरोध मार्च में शामिल होने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाने के सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, यह फैसला दर्शाता है कि सरकार विरोध प्रदर्शनों से घबराई हुई है।
कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि INDIA ब्लॉक शांतिपूर्ण तरीके से मार्च निकालना चाहता है, लेकिन इसके बावजूद प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।
सिंघवी ने हाल में मेट्रो, ट्रेनों और इंटरनेट सेवाओं पर लगाई गई रोक का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे कदमों से आम लोगों को परेशानी होती है। उन्होंने इन प्रतिबंधों को एहतियात के तौर पर लगाया गया व्यापक प्रतिबंध बताया और सवाल किया कि जब किसी तरह की तोड़फोड़ या हिंसा नहीं हुई, तो इतनी सख्ती क्यों की गई।
उन्होंने कहा कि संविधान नागरिकों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार देता है। उनके मुताबिक, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
Updated on:
12 Oct 2026 04:11 pm
Published on:
12 Oct 2026 04:11 pm
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