10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

JPSC Protest: वार्ता फेल होने के बाद आज झारखंड विधानसभा घेराव की तैयारी, प्रदर्शनस्थल पर जुटने लगे छात्र

Jharkhand student movement: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन विधानसभा घेराव तक पहुंचा। सरकार-छात्र वार्ता बेनतीजा, JPSC के 3 सदस्यों का इस्तीफा, CM हेमंत सोरेन का बड़ा बयान। पढ़ें पूरी खबर।
2 min read
Google source verification
Jharkhand Protest

झारखंड में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं (Photo-IANS)

Ranchi JPSC Student Protest:झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद पर छात्रों का आंदोलन 16 दिन से जारी है। छात्रों ने बातचीत बेनतीजा रहने के बाद आज यानि सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। आंदोलन में शामिल छह छात्र लंबे समय से भूख हड़ताल पर हैं, जिनकी सेहत पर डॉक्टरों की टीम नजर रखे हुए है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे नेता देवेंद्र नाथ महतो ने मंत्रियों की अपील के बावजूद अनशन जारी रखने का फैसला लिया है।

बड़ी संख्या में रांची पहुंचे छात्र

पेपर लीक और कथित धांधली के आरोपों को लेकर राज्यभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंच चुके हैं। कई छात्र जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जमा हुए और वहीं रातें गुजार रहे हैं, जबकि पुरानी विधानसभा परिसर और मोरहाबादी मैदान के आसपास भी भीड़ इतनी बढ़ गई कि आयोजकों को बड़ा मंच तैयार करना पड़ा।

रविवार को छात्रों और सरकार के बीच 5 घंटे चली बातचीत

रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में लगभग पांच घंटे तक तीसरे दौर की वार्ता हुई। बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार समेत कई मंत्री और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मान ली हैं, जिनमें 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करना, एसीएफ परीक्षा को निरस्त करना, विवादित एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग द्वारा आयोजित परीक्षाओं की जांच और परीक्षा प्रणाली सुधारने के लिए विशेषज्ञ समिति बनाना शामिल है।

छात्रों ने की CBI जांच की मांग

इसके बावजूद छात्र अपनी सबसे बड़ी मांग पर टिके रहे। उन्होंने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा की सीबीआई से निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरकार ने कहा कि यह मामला उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में है, इसलिए राज्य स्तर पर सीबीआई जांच का आदेश देना संभव नहीं। इसके बदले सरकार ने वित्तीय अनियमितताओं की जांच प्रवर्तन निदेशालय को सौंपने, 90 दिन में रिपोर्ट देने वाली फास्ट-ट्रैक अदालत बनाने और रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अगुवाई में स्वतंत्र समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा। छात्र इससे संतुष्ट नहीं हुए और बातचीत बेनतीजा रही।

JPSC के तीन सदस्यों ने दिया इस्तीफा

रविवार को झारखंड लोक सेवा आयोग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला। सीआईडी की पूछताछ के समन के बीच आयोग के तीन सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने इस्तीफा दे दिया, जिसे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इससे पहले आयोग अध्यक्ष एल. खियांग्ते भी जुलाई में पद छोड़ चुके थे, जिससे आयोग का पूरा शीर्ष ढांचा अब खाली हो गया है।

बातचीत से हल निकलेगा: हेमंत सोरेन

रांची में जारी आदिवासी महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि समस्याओं का हल बातचीत से ही निकलेगा, बल प्रयोग की जरूरत नहीं। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया, साथ ही आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल आंदोलन का फायदा उठाने की कोशिश में हैं।

रांची में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

सोमवार के मार्च को देखते हुए रांची पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आश्वासन देते हुए कहा कि उपद्रव करने वालों की पहचान के लिए पेंटबॉल गन जैसे उपाय रखे गए हैं, वायरल वीडियो में दिखी बंदूक पैलेट गन नहीं बल्कि पेंटबॉल गन थी।