
मतदाता सूची (फोटो- ANI)
Karnataka Electoral Roll: कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरिक्षण (SIR) के दौरान बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार लोगों और विदेश में रहने वाले मतदाताओं को बड़ी राहत दी गई है। अब इन श्रेणियों के मतदाताओं को चुनाव अधिकारियों के सामने खुद उपस्थित होने में परेशानी होने पर उनके परिवार का कोई वयस्क सदस्य उनकी ओर से जाकर जरूरी दस्तावेज और जानकारी जमा कर सकेगा। कर्नाटक के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. योगेश्वरा ने शुक्रवार को जारी एक ज्ञापन में चुनाव अधिकारियों को यह निर्देश दिया।
इसके तहत अब ऐसे मतदाताओं के परिवार के किसी भी वयस्क सदस्य उनकी जगह निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (EROs) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (AEROs) के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हो सकते हैं। साथ ही जारी किए गए नोटिसों के निपटारे के लिए जरूरी दस्तावेज और जानकारी जमा कर सकते हैं।
यह निर्देश भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के 14 मई को जारी किए गए पत्र के संदर्भ में दिया गया है। यह पत्र वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों, बीमार लोगों और विदेश में रहने वाले मतदाताओं को जारी नोटिस के निपटारे से जुड़ा था। इस व्यवस्था का मकसद ऐसे मतदाताओं के लिए SIR की प्रक्रिया को आसान बनाना है, जिन्हें व्यक्तिगत रूप से चुनाव अधिकारियों के सामने पहुंचने में कठिनाई हो सकती है। कर्नाटक में चल रहे SIR के तहत अब तक 24.97 लाख से ज्यादा नोटिस मतदाताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं। 10 सितंबर तक राज्य की मतदाता सूची में कुल 4,46,58,413 मतदाता दर्ज थे। इनमें 2.21 करोड़ पुरुष, 2.24 करोड़ महिलाएं और 2,874 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
CEO कार्यालय ने राज्य के जिला चुनाव अधिकारियों, डिप्टी कमिश्नरों और अन्य संबंधित अधिकारियों को ERO और AERO को जरूरी निर्देश जारी करने के लिए कहा है। साथ ही, ERO और AERO को राजनीतिक दलों के साथ हर सप्ताह होने वाली बैठकों में नोटिस जारी करने और उनके निपटारे की प्रक्रिया भी समझानी होगी।
ये निर्देश राज्य के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों के Electoral Registration Officers, AEROs और Additional AEROs तक पहुंचाए गए हैं। CEO कार्यालय ने कमजोर और जरूरतमंद मतदाताओं तक अधिकारियों की पहुंच और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से जुड़े फोटो और वीडियो भी जारी किए हैं।
Updated on:
11 Sept 2026 04:37 pm
Published on:
11 Sept 2026 04:37 pm
