
सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक पोस्टग्रेजुएट डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के मामले की सुनवाई शुरू कर दी है। इस मामले को लेकर देशभर में डॉक्टरों की हड़ताल चल रही है। सरकारी अस्पताल के सेमिनार हॉल में जूनियर डॉक्टर के साथ कथित बलात्कार और हत्या के मामले ने देशभर में विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया है। तीन सदस्यीय न्यायाधीश मामले की सुनवाई कर रहे हैं।
सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, "यह अब सिर्फ़ अस्पताल में बलात्कार के एक ख़ास मामले से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे भारत में डॉक्टरों की सुरक्षा के प्रणालीगत मुद्दे से जुड़ा है।" सीजेआई ने कहा, "सबसे पहले, हम इस बात से बहुत चिंतित हैं कि पीड़िता का नाम मीडिया में छा गया है, तस्वीरें और वीडियो मीडिया में छाए हुए हैं, यह बेहद चिंताजनक है।"
सीजेआई ने आगे कहा, "जब प्रिंसिपल के आचरण की जांच हो रही है, तो प्रिंसिपल को तुरंत दूसरे कॉलेज का प्रिंसिपल कैसे नियुक्त किया गया। सीबीआई को इस गुरुवार को एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने की ज़रूरत है और हमें स्टेटस से अवगत कराने की ज़रूरत है और चूंकि यह संवेदनशील चरण है, इसलिए इसे सिर्फ़ हमें ही दिया जाए। आज हम एक आदेश पारित करेंगे।
सीजेआई ने कहा, "हम एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि वे वरिष्ठ और जूनियर डॉक्टरों के लिए सुरक्षा उपायों के लिए देश भर में अपनाए जाने वाले तौर-तरीकों की सिफारिशें दें।" "एम्स आदि में नियुक्तियां 2 साल पहले ली जाती हैं, हम डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां हैं, इसलिए हम डॉक्टरों से ईमानदारी से अनुरोध करते हैं कि वे हम पर भरोसा करें… यह किसी विशेष मामले का मामला नहीं है, बल्कि ऐसा कुछ है जो पूरे भारत में स्वास्थ्य सेवा संस्थान को प्रभावित करता है।" सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, "हम डॉक्टरों से काम पर लौटने का अनुरोध करते हैं और अगर मरीज अपनी जान गंवाते हैं… तो हम डॉक्टरों से अपील करते हैं कि हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यहां हैं।"
Updated on:
20 Aug 2024 01:41 pm
Published on:
20 Aug 2024 12:05 pm
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