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‘ज्ञानेश कुमार को कोई नहीं बचा सकता, जाना ही होगा’, जयराम रमेश का हमला; चुनाव आयोग के IT सिस्टम में बदलाव की मांग

Jairam Ramesh Gyanesh Kumar: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। साथ ही चुनाव आयोग के आईटी सिस्टम में बदलाव की मांग की है।
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भारत

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kamlesh sharma

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Oct 18, 2026

jairam ramesh

Jairam Ramesh (फोटो सोर्स- ANI)

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज और उसके आईटी सिस्टम में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि केवल मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाना पर्याप्त नहीं होगा। कांग्रेस नेता ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोकने की मांग भी की।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने आठ साल तक राजनीतिक दलों को सर्च किए जा सकने वाली मतदाता सूचियां उपलब्ध नहीं कराईं। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के लगातार दबाव और कथित 'वोट चोरी' के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद आयोग ने मतदाता सूची को सर्चेबल फॉर्मेट में उपलब्ध कराने का फैसला किया है।

2018 से सर्चेबल वोटर लिस्ट देने की मांग ठुकराने का आरोप

जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से सर्चेबल मतदाता सूचियां उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे, लेकिन चुनाव आयोग ने बार-बार इसे खारिज किया। उन्होंने कहा कि 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस को लाखों फर्जी मतदाताओं का पता चला था। इसके बाद चुनाव आयोग ने सर्चेबल मतदाता सूचियां देना बंद कर दिया। रमेश ने कहा कि आठ साल तक इस मांग को ठुकराने का उद्देश्य 'वोट चोरी' को बढ़ावा देना था।

कांग्रेस महासचिव के मुताबिक, चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर को आदेश जारी कर 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दो साल के अंतराल के बाद फिर शुरू हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) के लिए राजनीतिक दलों को सर्चेबल फॉर्मेट में मतदाता सूची उपलब्ध कराने की अनुमति दी।

हर बार वोट चोरी पकड़ी जाती है तो नई रणनीति अपनाती है सरकार

जयराम रमेश ने कहा कि हर बार वोट चोरी पकड़े जाने पर सरकार नई रणनीति अपनाती है। कभी पढ़ने योग्य मतदाता सूचियां देना बंद किया जाता है, कभी फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ने और कभी SIR के जरिए मतदाता सूची में बदलाव की कोशिश होती है। उन्होंने कहा कि इस बार देशभर में 'वोट चोरों' के खिलाफ विरोध हो रहा है।

13 करोड़ से ज्यादा भारतीयों का मतदान का अधिकार खतरे में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर हमला बोलते हुए रमेश ने आरोप लगाया कि वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों पर काम कर रहे हैं और उन्होंने चुनाव आयोग पर जनता के भरोसे को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अब कोई नहीं बचा सकता। उन्हें जाना ही होगा। लेकिन सिर्फ उनके जाने से काम नहीं चलेगा। चुनाव आयोग और उसके आईटी सिस्टम में पूरी तरह बदलाव करना होगा। रमेश ने SIR पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि इस प्रक्रिया से 13 करोड़ से ज्यादा भारतीयों का संविधान प्रदत्त मतदान का अधिकार खतरे में पड़ गया है। उन्होंने SIR को तत्काल निलंबित करने की मांग की।

SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने

कांग्रेस समेत विपक्षी दल चुनाव आयोग की ओर से कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने के लिए पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

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