
नाना पाटेकर का हुआ निधन (Photo Source- Instgaram/ANI)
Nana Patekar: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिल्म जगत के साथ राजनीतिक गलियारों में भी शोक की लहर है। 75 वर्षीय अभिनेता के निधन पर पीएम मोदी समेत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के नेताओं ने गहरा दुख जताया। नेताओं ने उनके शानदार अभिनय, दमदार संवाद अदायगी और सामाजिक सरोकारों को याद करते हुए इसे भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर जैसी तीव्रता, अनोखापन और दमदार मौजूदगी बहुत कम कलाकारों में दिखती है। उन्होंने अपने शोक संदेश में कहा कि नाना पाटेकर ने हर किरदार में गजब की विविधता और रचनात्मकता दिखाई। उन्होंने ऐसे यादगार पात्र दिए, जिन्हें आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि नाना अपने बेबाक और साफ विचारों के लिए जाने जाते थे और अपनी बात रखने से कभी पीछे नहीं हटते थे।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का असमय निधन भारतीय सिनेमा के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे एक ऐसे बहुमुखी कलाकार थे, जिनकी दमदार अदाकारी, संवाद अदायगी और गजब की कॉमिक टाइमिंग का हर कोई मुरीद था। 'अंकुश', 'प्रहार' और 'क्रांतिवीर' जैसी फिल्मों में उन्होंने अपने अभिनय से अमिट छाप छोड़ी और दर्शकों के दिलों पर राज किया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि नाना पाटेकर सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनका भारतीय सिनेमा में योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार, मित्रों और करोड़ों प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का यूं अचानक चले जाना एक गहरा धक्का है। वे जितने बड़े कलाकार थे, दिल के भी उतने ही बड़े इंसान थे। 'क्रांतिवीर' से लेकर 'नटसम्राट' तक उन्होंने अपने दमदार अभिनय से मराठी और हिंदी सिनेमा में एक स्वर्णिम दौर रचा। अभिनय के अलावा वे जमीनी स्तर पर काम करने वाले संवेदनशील इंसान थे। महाराष्ट्र में 'जलयुक्त शिवार अभियान' के दौरान उन्होंने मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर 'नाम फाउंडेशन' की नींव रखी और खुद खेतों में जाकर किसानों और सूखा पीड़ितों की निस्वार्थ सेवा की। आज जब राज्य फिर से संकट के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में उनका साथ छूट जाना एक अपूरणीय क्षति है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि नाना पाटेकर का जाना कला जगत और समाज दोनों के लिए बड़ा नुकसान है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के अचानक निधन से सिनेमा जगत और उनके प्रशंसक स्तब्ध हैं। 'परिंदा', 'क्रांतिवीर' और 'अब तक छप्पन' जैसी फिल्मों में अपनी बेजोड़ अदाकारी से उन्होंने हर किरदार में जान फूंक दी। रुपहले परदे से अलग, उनकी सादगी और ग्रामीण भारत के लिए निस्वार्थ समर्पण उनकी महानता को दर्शाता है। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने गहरा शोक जताते हुए कहा कि नाना जी ने केवल अभिनय नहीं किया, बल्कि परदे पर सच को जिया है। उनकी बुलंद आवाज और विरासत हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगी।
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की दमदार संवाद अदायगी और हर कठिन किरदार को जीवंत कर देने का अनोखा अंदाज उन्हें भारतीय सिनेमा में हमेशा एक खास जगह दिलाता रहेगा। पटनायक ने उनके परिवार, दोस्तों और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
Updated on:
08 Oct 2026 09:42 am
Published on:
08 Oct 2026 09:05 am
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