16 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिल्ली दंगे की आरोपी नताशा नरवाल को विदेश जाने की मिली अनुमति, दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश पलटा

Delhi riots case: दिल्ली दंगे की आरोपी नताशा नरवाल को ब्रिटेन जाने की अनुमति मिल गई है। इसी तरह, दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश पलट दिया है।
2 min read
Google source verification
Natasha Narwal

दिल्ली दंगे की आरोपी नताशा नरवाल। (फोटो- ANI)

दिल्ली दंगे की साजिश रचने में वाले केस की आरोपी नताशा नरवाल को ब्रिटेन जाने की अनुमति मिल गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को पलटते हुए नताशा को अकादमिक कॉन्फ्रेंस और रिसर्च वर्क के लिए विदेश यात्रा की इजाजत दी है।

हालांकि, कोर्ट ने विदेश जाने के लिए नताशा के सामने कुछ शर्तें भी रखी हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि नताशा को भारत वापस लौटना होगा और वहां जाकर शरण (असाइलम) भी नहीं मांगेंगी। साथ ही, कोर्ट ने यह आदेश दिया है कि वे लंबित केस के गुण-दोष पर कुछ भी नहीं बोलेंगी।

जमानत पर बाहर हैं नताशा

बता दें कि नताशा जमानत पर बाहर हैं। ट्रायल कोर्ट पहले उनकी अर्जी खारिज कर चुका था। अब हाईकोर्ट ने राहत दी है। हाईकोर्ट ने नताशा से अंडरटेकिंग मांगी है।

ऐसे में उन्हें लिखित रूप से वादा करना होगा कि वे निर्धारित समय पर भारत वापस आ जाएंगी। ब्रिटेन में किसी तरह की शरण लेने की कोशिश नहीं करेंगी। केस की सुनवाई के दौरान या बाहर, केस के मेरिट पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगी।

एक महीने तक ब्रिटेन में रहना चाहती हैं नताशा

नताशा नवंबर की शुरुआत से दिसंबर की शुरुआत तक यानी एक महीने ब्रिटेन में रहना चाहती हैं। इस दौरान वह लंदन यूनिवर्सिटी के एसओएएस में हिस्टोरिकल मैटेरियलिज्म कॉन्फ्रेंस में अपना रिसर्च पेपर पेश करेंगी। पेपर का विषय जेंडर और कार्सरल लेबर से जुड़ा है। वे वहां अपनी पीएचडी रिसर्च भी आगे बढ़ाना चाहती हैं।

पहले ट्रायल कोर्ट ने क्यों रोका था?

ट्रायल कोर्ट ने 6 अक्टूबर को उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि गंभीर मामलों के चलते उन्हें विदेश जाने का अधिकार पूरा नहीं है। इसको लेकर पुलिस ने भी आपत्ति जताई थी। जिसके बाद नताशा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

उन्होंने बताया कि पासपोर्ट सरेंडर है। वीजा और टिकट के लिए समय चाहिए। कॉन्फ्रेंस महत्वपूर्ण मौका है। उनके वकील ने कहा कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी सुनवाई में हिस्सा ले सकती हैं। जिस पर कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।