2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अब मौसम की मार से खराब नहीं होंगी फसलें, किसानों के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, क्या बोलीं वित्त मंत्री?

Nirmala Sitharaman : निर्मला सीतारमण ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और धान तथा गेहूं के बड़े स्टॉक को लेकर बनी चिंताओं के बीच सरकार इनसे निपटने के लिए मजबूत कदम उठा रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Gajanand Prajapat

•

Updated: 2 Nov 2026, 6:24 PM IST

Nirmala Sitharaman News

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो-IANS)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा है कि सरकार खेती में फसलों की विविधता बढ़ाने, पानी का बेहतर इस्तेमाल करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने की ताकत बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है। यह चिंता जलवायु परिवर्तन और धान-गेहूं के बड़े भंडार को लेकर जताई जा रही है।

सीतारमण के मुताबिक, मौसम की मार झेलने में सफल यानी जलवायु के अनुकूल बीज लाए गए हैं। सभी फसलों की सभी किस्मों के ये बीज अब किसानों तक पहुंचाए जा रहे हैं। साथ ही किसानों को यह भी बताया जाएगा कि इन बीजों से उन्हें क्या फायदा होगा। यह जानकारी कृषि विज्ञान केंद्रों के जरिए दी जाएगी।

कम पानी में ज्यादा फसल

इसके साथ ही वित्त मंत्री ने बताया कि मोर क्रॉप पर ड्रॉप यानी हर बूंद पर ज्यादा फसल एक बड़ी योजना है। इसे किसानों के लिए अभियान के रूप में शुरू किया गया था। यह केंद्र सरकार की सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने वाली योजना है।

खेत पर पानी का कुशल उपयोग बढ़ाकर कम पानी में अधिक फसल और उत्पादकता हासिल करना इसका मुख्य लक्ष्य हैं। यह परियोजना 2022-23 से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत चलायी जा रही है।

राज्य भी अपने स्तर पर कर रहे पहल

जलवायु परिवर्तन को लेकर चिंता बढ़ रही है। दूसरी तरफ धान और गेहूं के बड़े भंडार जमा हैं। ऐसे में सरकार फसलों में विविधता लाने पर जोर दे रही है, ताकि खेती में पानी और ऊर्जा की बचत हो और किसान बदलते मौसम का बेहतर सामना कर सकें।

वित्त मंत्री ने बताया कि कई राज्य, केंद्र के साथ-साथ अपनी तरफ से इसमें पहल कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने हरियाणा का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, हरियाणा में किसान धान की खेती छोड़कर जौ और मक्का उगाने की ओर बढ़ रहे हैं।

50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर

इसके अलावा कार्यक्रम में उन्होंने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि भारत के लगभग 50 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने कहा कि ये सब लगातार सही नीतियों और बुनियादी सुविधाओं (जैसे राशन, घर, पानी, बिजली) के कारण हुआ है। उन्होंने इसे भारत की बड़ा सफलता कहा है।