
BJD leader Bhrugu Baxipatra Governor Braj Mohan Ram Congress leader Rajani Kumar (Photo-ANI)
Odisha Governor Braj Mohan Ram : भुवनेश्वर। ओडिशा के नवनियुक्त राज्यपाल ब्रज मोहन राम के भाजपा संगठन को मजबूत करने संबंधी कथित बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने उनके बयान पर सवाल उठाते हुए इसे राज्यपाल के संवैधानिक पद की गरिमा के खिलाफ बताया है। बीजद नेता भृगु बक्सीपात्रा ने राष्ट्रपति से राज्यपाल के नाम को वापस लेने की मांग की है। वहीं, ब्रज मोहन राम ने बयान का खंडन करते हुए कहा कि वे किसी विशेष राजनीतिक दल के लिए काम नहीं करेंगे और संवैधानिक दायरे में रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
बीजद नेता भृगु बक्सीपात्रा ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और राज्यपाल के संवैधानिक पद पर आघात के समान है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में ऐसा उदाहरण सुनने को नहीं मिला, जब किसी राज्यपाल ने नियुक्ति से पहले यह कहा हो कि पद संभालने के बाद वह उस पार्टी की जीत सुनिश्चित करने और उसके संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे, जिससे वह जुड़े रहे हैं। बक्सीपात्रा ने कहा कि इस तरह का बयान राज्यपाल के पद की गरिमा को कम करता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करना चाहिए।
कांग्रेस नेता रजनी कुमार महंती ने भी इस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति जिसे राज्यपाल नियुक्त किया गया है, वह मीडिया से कैसे कह सकता है कि ओडिशा में किसी पार्टी के लिए काम करेगा। महंती ने कहा कि राज्यपाल एक संवैधानिक पद है और भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार राज्यपाल किसी राजनीतिक दल के सदस्य के रूप में काम नहीं करता।
विवाद के बीच झारखंड के रांची में ब्रज मोहन राम ने कहा कि उन्हें एक जिम्मेदारी सौंपी गई है और वह सभी के साथ समन्वय बनाकर इसे निभाएंगे। शुरुआत में नई जिम्मेदारी के अनुरूप ढलने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन वह अपना काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें संवैधानिक पद की मर्यादा में रहकर काम करना होगा। एक राजनेता और संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की भूमिका में अंतर होता है, जिसका उन्हें ध्यान रखना होगा।
भाजपा संगठन को मजबूत करने संबंधी कथित बयान पर सफाई देते हुए राम ने कहा कि उन्होंने ऐसा नहीं कहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सभी के साथ मिलकर काम करने की बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब वह दलगत राजनीति से ऊपर हैं, हालांकि जिस पार्टी से उनका संबंध रहा है, उसके प्रति उनका लगाव और स्नेह हमेशा रहेगा। लेकिन वह किसी एक राजनीतिक दल के लिए काम नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सबके हैं, सब हमारे हैं।
Updated on:
15 Oct 2026 12:20 pm
Published on:
15 Oct 2026 12:20 pm
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