
Pahalgam Terror Attack: भारत सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ते तनाव के बीच हर मोर्चे पर शिकस्त देने की रणनीति के तहत शनिवार को पाकिस्तान पर कई तरह के प्रतिबंधों की घोषणा की। पाकिस्तान से सभी प्रकार के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आयात पर रोक लगाने के साथ-साथ पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों के भारतीय बंदरगाहों में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। इसी के साथ भारतीय झंडे वाले जहाजों के पाकिस्तान के बंदरगाहों पर जाने पर भी रोक लगा दी गई। इसके कुछ ही समय बाद हवाई और भूमि मार्गों से पाकिस्तान से आने वाले सभी प्रकार के मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को भी निलंबित कर दिया गया। रणनीतिक और कूटनीतिक घेराबंदी के साथ ही भारत सरकार पाकिस्तान को पाई-पाई के लिए भी मोहताज करना चाहती है।
वाणिज्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 'पाकिस्तान में उत्पन्न या वहां से निर्यातित सभी वस्तुओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात या पारगमन, चाहे वे स्वतंत्र रूप से आयात योग्य हों या अनुमति वाले, तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक नीति के हित में लगाया गया है। इस प्रतिबंध में किसी भी अपवाद के लिए भारत सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होगी।' डाक विभाग ने भी बताया कि भारत सरकार ने हवाई और सतही मार्गों के माध्यम से पाकिस्तान से आने वाले सभी श्रेणियों के मेल और पार्सल के आदान-प्रदान को निलंबित करने का फैसला किया है।
भारत सरकार पाकिस्तानी परियोजनाओं को फंड देने वाली विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक जैसी अन्य एजेंसियों के साथ भी संपर्क में है। भारत चाहता है कि आइएमएफ पाकिस्तान को दी गई सुविधाओं की समीक्षा करे। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि है कि आइएमएफ को पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए। आइएमएफ का कार्यकारी बोर्ड विस्तारित वित्तपोषण की पहली समीक्षा के लिए 9 मई को पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलने वाला है।
-पाकिस्तान ने पिछले साल आइएमएफ से 7 बिलियन डॉलर का बेलआउट प्रोग्राम हासिल किया था और मार्च में उसे 1.3 बिलियन डॉलर का नया जलवायु ऋण मिला था।
-जनवरी 2025 में विश्व बैंक ने नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को उसकी चुनौतियों से उबरने के लिए 20 अरब डॉलर के ऋण पैकेज को मंजूरी दी थी।
-वैश्विक धन शोधन निरोधक एजेंसी, वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) से इस्लामाबाद को 'ग्रे' सूची में डालने की अपील की जाएगी।
-पाकिस्तान गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। अगर विदेशी आर्थिक मदद को रोक दी जाए तो उसके लिए अपना वजूद बचाना मुश्किल हो जाएगा।
भारत सरकार के व्यापार प्रतिबंधों के बाद पाकिस्तान से भारत में माल की सभी आवक पूरी तरह से रुक जाएगी। अप्रैल-जनवरी 2024-25 में भारत का पाकिस्तान को निर्यात 447.65 मिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि आयात मात्र 0.42 मिलियन अमरीकी डॉलर था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2024 और फरवरी 2025 के बीच भारत का पाकिस्तान को निर्यात (साल-दर-साल) 56.91 फीसदी घटकर 491 मिलियन डॉलर रह गया। जबकि, इस अवधि में कोई आयात नहीं हुआ। वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान को किए गए शीर्ष निर्यात में ड्रग फॉर्मूलेशन, चीनी, थोक दवाएं, अवशिष्ट रसायन और ऑटो घटक शामिल थे। पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र व्यापार मार्ग अटारी-वाघा सीमा को पहले ही बंद किया जा चुका है।
पाकिस्तान से भारत का आयात पहले ही 2019 के पुलवामा हमले के बाद से काफी कम हो गया था, जब भारत ने पाकिस्तानी सामानों पर 200 प्रतिशत सीमा शुल्क लगा दिया था। वित्त वर्ष 2024-25 में पाकिस्तान का भारत के कुल आयात में हिस्सा 0.0001 प्रतिशत से भी कम रह गया था। जो थोड़ा-बहुत व्यापार बचा था, उसमें ज्यादातर दवाएं, फल और तिलहन जैसे उत्पाद शामिल थे। भारत ने वर्ष 2023-24 में पाकिस्तान से कुल 30 लाख डॉलर का आयात किया, जिसमें सेंधा नमक सहित अधिकांश कृषि उत्पाद शामिल थे। भारत पाकिस्तान से सूखे मेवे, खजूर, जिप्सम, सीमेंट, कांच, सेंधा नमक और जड़ी-बूटियों सहित कई वस्तुओं का आयात करता है। अटारी-बाघा बॉर्डर के साथ भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार तीसरे देशों जैसे यूएई, श्रीलंका और सिंगापुर के माध्यम से भी होता था, ताकि अधिक शुल्क और प्रतिबंधों से बचा जा सके।
भारत, पाकिस्तान को विभिन्न प्रकार के सामान निर्यात करता है, जिसमें कपास, जैविक रसायन, तैयार पशु चारा, खाद्य उत्पाद, ताजे फल, सब्जियां जैसे प्याज, टमाटर, मसाले जैसे काली मिर्च, इलायची, लौंग, दालचीनी, हल्दी, जीरा और चाय, कॉफी निर्यात करता है। साथ ही मुर्गियों का दाना, प्लास्टिक के सामान, मानव निर्मित रेशा, कॉफी, चाय, मसाले, रंग, तिलहन, डेयरी उत्पाद, और फार्मास्यूटिकल्स शामिल हैं। भारतीय उत्पाद, विशेषकर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोना, रत्न, आभूषण और ई-कॉमर्स सामान, तीसरे देशों के माध्यम से पाकिस्तान पहुंचते रहते हैं। कई जरूरी दवाओं और दवा कच्चे माल के लिए भारत पर निर्भर है।
Updated on:
04 May 2025 06:39 am
Published on:
04 May 2025 06:39 am
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