
PM CARES Fund (Photo-IANS)
नई दिल्ली। पीएम केयर्स फंड के मार्च 2025 तक के आंकड़े सामने आए हैं। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में फंड के अंतिम बैलेंस में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 मार्च 2025 तक पीएम केयर्स फंड का अंतिम बैलेंस बढ़कर 8,452.95 करोड़ रुपए हो गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंत में यह 7,188.63 करोड़ रुपए था।
फंड के पास मौजूद कुल बैलेंस का करीब 93 फीसदी हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में सुरक्षित रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 7,846.65 करोड़ रुपए की राशि एफडी के तौर पर जमा है। बीते वित्तीय वर्ष में इन फिक्स्ड डिपॉजिट से अर्जित 469.38 करोड़ रुपए का ब्याज ही फंड की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बनकर उभरा है।
ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, कुल बैलेंस में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू और विदेशी दान में गिरावट दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में घरेलू दान घटकर 479.05 करोड़ रुपए रह गया, जो इससे पिछले साल 681.81 करोड़ रुपए था। वहीं, विदेशी दान भी 11.35 लाख रुपए से घटकर 9.28 लाख रुपए रह गया।
ऑडिट रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में पीएम केयर्स फंड से कुल 87.85 लाख रुपए खर्च किए गए। इसके मुकाबले 2023-24 में फंड से 15.60 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया था। यानी एक साल में फंड से होने वाले खर्च में काफी कमी आई।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पीएम केयर्स फंड को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने लिखा कि देशभर में प्राकृतिक आपदाएं तबाही मचा रही हैं और हजारों लोगों को राहत व पुनर्वास की सख्त जरूरत है, इसके बावजूद उपलब्ध 8,452 करोड़ रुपए में से केवल 0.01 प्रतिशत राशि का ही इस्तेमाल किया गया है। लोग परेशान हैं और 8,452 करोड़ रुपए यूं ही पड़े हैं। क्या यही 'पीएम केयर्स' है? शायद ही।
पीएम केयर्स फंड की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान 27 मार्च 2020 को एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में की गई थी। इसके अगले दिन, 28 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से इस फंड में योगदान करने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री ने उस समय कहा था कि पीएम केयर्स फंड कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में योगदान देने की लोगों की इच्छा के जवाब में बनाया गया है। इसका उद्देश्य भविष्य में भी ऐसी आपात स्थितियों में सहायता उपलब्ध कराना था।
Updated on:
18 Aug 2026 05:16 pm
Published on:
18 Aug 2026 05:12 pm
