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Poland India Trade: भारत के साथ साझेदारी को लेकर पोलैंड की बड़ी योजना, 2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

Poland India Trade: पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा के बीच वारसॉ ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। पोलैंड भारत के साथ रक्षा सह-उत्पादन, आईटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और रणनीतिक सहयोग बढ़ाना चाहता है।
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भारत

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Harshul Mehra

•

Oct 22, 2026

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प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क और पीएम नरेंद्र मोदी। फोटो-ANI

Poland India Trade: पोलैंड भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने, रक्षा क्षेत्र में सह-उत्पादन और नई तकनीकों में सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है। वारसॉ (पोलैंड की राजधानी) विश्वविद्यालय के प्रोफेसर पैट्रिक कुगील ने समाचार एजेंसी ANI को दिए इंटरव्यू में कहा कि प्रधानमंत्री टस्क की यात्रा के दो प्रमुख उद्देश्य हैं—आर्थिक और रणनीतिक। उनके मुताबिक, पोलैंड भारत को एक उभरती वैश्विक शक्ति और मध्य यूरोप के महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखता है।

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की तैयारी

पैट्रिक कुगील के अनुसार, आर्थिक मोर्चे पर पोलैंड की प्राथमिकता भारत के साथ कारोबार की संभावनाओं को बढ़ाना है। इसके लिए वह भारत और यूरोपीय संघ के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहा है, जिसके अगले साल लागू होने की बात कही गई है। कुगील ने बताया कि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान करीब 100 पोलिश कंपनियों का एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल का आकार भारतीय बाजार में पोलैंड की कंपनियों की व्यापक दिलचस्पी को दर्शाता है। पोलैंड का लक्ष्य 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना करना और अब तक इस्तेमाल नहीं हुई कारोबारी संभावनाओं को सामने लाना है।

आईटी से लेकर ग्रीन टेक्नोलॉजी तक सहयोग की गुंजाइश

भारत और पोलैंड के बीच सहयोग के संभावित क्षेत्रों पर कुगील ने कहा कि लगभग सभी क्षेत्रों में संभावनाएं मौजूद हैं। इनमें अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण तकनीकें, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), डिजिटल टेक्नोलॉजी, ग्रीन टेक्नोलॉजी और बैटरी रीसाइक्लिंग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि पोलैंड की ताकत खाद्य प्रसंस्करण, खनन, परिवहन उपकरण और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भी है। उनके अनुसार, भारत के साथ साझेदारी इन क्षेत्रों में कारोबार और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर दे सकती है। कुगील ने कहा कि अब तक का सबसे बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भारत को पसंदीदा साझेदार के रूप में देखने में पोलिश कंपनियों की भारी दिलचस्पी दिखाता है।

रक्षा सहयोग बढ़ाना भी प्रमुख प्राथमिकता

पैट्रिक कुगील ने रक्षा क्षेत्र को भारत-पोलैंड संबंधों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक-दूसरे के बारे में अधिक जानकारी और आपसी विश्वास जरूरी है। प्रधानमंत्री टस्क की यात्रा से इस दिशा में मदद मिल सकती है।

उन्होंने रक्षा सहयोग के लिए बेहतर कानूनी ढांचे की जरूरत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा से जुड़ा समझौता इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा है। कुगील ने कहा कि भारत और पोलैंड दोनों ही रक्षा क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं और अपने सशस्त्र बलों के ऐतिहासिक आधुनिकीकरण के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में रक्षा सहयोग की संभावनाएं व्यापक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर रक्षा उत्पादों की डिजाइनिंग, विकास और उत्पादन कर सकते हैं। यात्रा के दौरान इस क्षेत्र में चर्चा होने और कुछ समझौतों (MoUs) पर सहमति बनने की उम्मीद है।

यूक्रेन में शांति और बहुपक्षीय सहयोग पर भी नजर

कुगील के अनुसार, पोलैंड भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है। इसके तहत यूक्रेन में शांति स्थापित करने की संभावनाओं को आगे बढ़ाने और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने पोलैंड को मध्य यूरोप का एक महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए कहा कि भारत-पोलैंड संबंधों को मजबूत करने से भारत और यूरोपीय संघ के बीच साझेदारी को भी बल मिल सकता है।

संस्थागत संबंधों का नेटवर्क बढ़ाने की उम्मीद

कुगील ने यात्रा के संभावित नतीजों को तीन प्रमुख बिंदुओं में समेटा। पहला, इससे दोनों देशों के बीच राजनीतिक प्रतिबद्धता प्रदर्शित होगी और सहयोग को गति मिलेगी। दूसरा, आपसी सहयोग के लिए कानूनी ढांचे को अपडेट करने की जरूरत है। तीसरा, प्रशासन, शिक्षा जगत और कारोबारी क्षेत्र के बीच संस्थागत संबंधों का व्यापक नेटवर्क विकसित होने की उम्मीद है।

मोदी और टस्क के बीच द्विपक्षीय वार्ता

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर तक भारत की यात्रा पर हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और टस्क ने नई दिल्ली में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

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