
नई दिल्ली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ की वार्षिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री इस समारोह में वर्चुअली शामिल होंगे। बैठक में अफगानिस्तान संकट, आतंकवाद, क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग और संपर्क समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक की अध्यक्षता ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमान करेंगे।
इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के अलावा छह अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। इनमें रूस, चीन, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, अफगानिस्तान और कजाकिस्तान भी शामिल हैं। उमीद है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आतंकवाद का मुद्दा उठाएंगे। भारत से विदेश मंत्री एस. जयशंकर दुशांबे गए हुए हैं, वे वहां इस समारोह में मौजूद रहेंगे।
शंघाई सहयोग संगठन समारोह हाल में अफगानिस्तान में हुए घटनाक्रम को लेकर काफी महत्वपूर्ण है। अफगानिस्तान में बीस साल से मौजूद अमरीकी सेना ने देश छोड़ दिया और तालिबान ने वहां की सत्ता पर कब्जा कर लिया। माना जा रहा है कि इस शिखर सम्मेलन में अफगानिस्तान के मुद्दे को भी प्रमुखता से रखा जाएगा।
शंघाई सहयोग संगठन यानी एससीओ में आठ सदस्य देश शामिल हैं। इनमें चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं। ताजिकिस्तान इस समूह का वर्तमान अध्यक्ष है। यह बैठक 16 से 17 सितंबर तक ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी इस समारोह का नेतृत्व करेंगे और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समारोह में शामिल रहेंगे।
बीते दो महीने में दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन के विदेश, रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की कई बैठकें हुई हैं। कुछ दिन पहले ब्रिक्स देशों का 13वां शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ है। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। अफगानिस्तान को लेकर चीन और पाकिस्तान तथा रूस की जो तिकड़ी अभी तक बन रही थी, अब उसमें से रूस बाहर निकलता दिखाई दे रहा है।
Published on:
17 Sept 2021 11:31 am
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