
बिहार में एक तरफ जहां शराबबंदी लागू है, वहीं अगर किसी सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक और शिक्षक ही स्कूल परिसर को मयखाना बनाकर जाम छलका रहे हों तो शराबबंदी कानून पर सवाल उठना लाजमी है। बता दें कि बिहार में सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी पहले ही शराब नहीं सेवन करने की सार्वजनिक तौर पर शपथ ले चुके हैं। इसके बाद भी सोमवार को स्कूल परिसर में ही प्रिसिंपल और शिक्षक तीन अन्य लोगों के साथ बैठकर शराब पी रहे थे।
स्कूल में शराब पी रहे थे प्रिसंपल और टीचर
दरअसल, यह पूरा मामला बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र के राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय, चिलकावर का है। यहां शिक्षा के पवित्र मंदिर माने जाने वाले स्थल को ही मयखाना बना दिया गया। सोमवार को स्कूल परिसर में ही प्रधानाध्यापक और शिक्षक तीन अन्य लोगों के साथ बैठकर शराब पी रहे थे। चखने के लिए मुर्गे का भी इंतजाम था।
सूचना मिलने पर हुई कार्रवाई
स्कूल में इस तरह शराब पीने की सूचना किसी ने उत्पाद विभाग की टीम को दे दी। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने प्रधानाध्यापक और शिक्षक समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बांका के उत्पाद अधीक्षक अरुण मिश्रा ने बताया कि घटनास्थल से देशी महुआ की शराब भी बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि सूचना प्राप्त होते ही एक टीम को स्कूल भेजा गया जहां से राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय, चिलकावर के प्रभारी प्रधानाध्यापक अमरेश कुमार, जगन्नाथपुर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक बजरंगी दास, धनंजय कुमार, पलंबर मिस्त्री प्रदीप कुमार और कुमार गौरव को गिरफ्तार किया गया है।
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Published on:
26 Dec 2023, 1:18 PM IST
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