
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह | फोटो सोर्स- IANS
Charanjit Singh Channi: पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पंजाब कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी से निलंबित चल रहे पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस मुलाकात को सीधे तौर पर पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के खिलाफ एक बड़ा राजनीतिक संदेश और खुली बगावत के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस हाईकमान ने पिछले कुछ दिनों में इस आपसी कलह को शांत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन पार्टी की यह अंदरूनी दरार कम होने के बजाय और गहरी होती जा रही है।
निलंबित नेता से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में चरणजीत सिंह चन्नी ने पार्टी के बड़े नेताओं को सस्पेंड करने के फैसले पर साफ-साफ नाराजगी जताई। चन्नी ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को इस तरह निलंबित करने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए थी। चन्नी ने नेतृत्व को नसीहत देते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी पद या कुर्सी की नहीं है, बल्कि पंजाब के असली मुद्दों की है। नेतृत्व की जिम्मेदारी सबको साथ लेकर चलने की होती है। हमारी असली लड़ाई तो उन ताकतों के खिलाफ है जो दिल्ली से आकर पंजाब पर शासन करना चाहते हैं।
वहीं दूसरी तरफ निलंबित पूर्व विधायक मदन लाल जलालपुर ने खुद पर हुई कार्रवाई को गलत बताया है। जलालपुर का कहना है कि उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व (केसी वेणुगोपाल या भूपेश बघेल) के खिलाफ कभी किसी अपशब्द का इस्तेमाल नहीं किया। जलालपुर ने अपनी सफाई में कहा कि मैंने सिर्फ इतना कहा था कि जब से राजा वड़िंग दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बने हैं, पंजाब में कांग्रेस का ग्राफ लगातार नीचे गिरा है। कार्रवाई सिर्फ मेरे खिलाफ क्यों की गई? मुझे कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया गया।
इस पूरे विवाद के बीच पटियाला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक हुई, जिसमें पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग एक साथ मंच पर नजर आए। वड़िंग ने जलालपुर पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने साफ किया कि जलालपुर को हाल-फिलहाल में नहीं, बल्कि काफी पहले ही पार्टी विरोधी गतिविधियों और केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण निलंबित किया गया था।
हालांकि, राजा वड़िंग के लिए मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब समाना में आयोजित एक अन्य पार्टी कार्यक्रम के दौरान नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वड़िंग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
Updated on:
02 Aug 2026 11:04 am
Published on:
02 Aug 2026 10:14 am
