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Punjab Election: पंजाब में चुनावी सरगर्मी तेज, अकाली दल का दावा, ‘पिछली बार झूठे वादों से जीते थे अरविंद केजरीवाल, इस बात हारना तय’

Punjab Election 2027 को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने अरविंद केजरीवाल पर झूठे वादों के दम पर चुनाव जीतने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इस बार AAP की हार तय है और बीजेपी के साथ गठबंधन की अटकलों को भी खारिज किया।

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भारत

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Anurag Animesh

Jun 11, 2026

Punjab Election 2027

Punjab Election: सुखवीर सिंह बादल, अरविंद केजरीवाल(फोटो-ANI)

Punjab Election 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राज्य में सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टियां एक-दूसरे पर लगातर हमला कर रही हैं। इसी कड़ी में अकाली दल के नेता और प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने आम आदमी पार्टी पर करारा हमला किया है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए कहा है कि केजरीवाल झूठे वादे के दम पर चुनाव जीते थे। लेकिन इस बार उनका चुनाव हारना तय है। राज्य में भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार चल रही है।

सुखबीर सिंह बादल ने क्या कहा?


अरविंद केजरीवाल को घेरते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि केजरीवाल घबराए हुए हैं क्योंकि उन्हें पता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार इसलिए बनी थी क्योंकि अकाली दल के 80% समर्थक उनके झूठ से प्रभावित होकर उनकी तरफ चले गए थे। ये 80% समर्थक अब अकाली दल में वापस आ रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब आम आदमी पार्टी का मुख्य निशाना सुखबीर बादल और अकाली दल हैं। मैं किसी से या जेल जाने से नहीं डरता। पार्टी और चुनाव पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अभी हमारा मकसद पार्टी को मजबूत करना है।

गठबंधन पर क्या बोले बादल?


गठबंधन के सवाल पर सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि फिलहाल, गठबंधन बनाने के बारे में कोई बात नहीं हो रही है। आपको बता दें कि बीजेपी और अकाली दल में गठबंधन होने को लेकर चर्चा तेज थी। माना जा रहा था कि 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों दल फिर से एक साथ आ सकते हैं। हालांकि, अब अकाली दल प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इन अटकलों पर लगभग विराम लगा दिया है।

जब उनसे बीजेपी के साथ संभावित चुनावी समझौते को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने सीधे तौर पर किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की। बादल ने कहा कि अकाली दल अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटा हुआ है और अभी 'अगर-मगर' की राजनीति पर टिप्पणी करने का कोई मतलब नहीं है।

बीजेपी पहले ही दे चुकी है अकेले चुनाव लड़ने के संकेत


दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी की ओर से भी कई बार यह संकेत दिए जा चुके हैं कि पार्टी पंजाब में अपने दम पर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से कहा है कि पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है।