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जोशीमठ भू-धंसाव को लेकर शंकराचार्य ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की PIL

उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव को लेकर चिंतित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्‍वती महाराज ने सुप्रीम कोर्ट में PIL दायर की। सुप्रीम कोर्ट से राहत देने का अनुरोध किया है।
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नई दिल्ली

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 7 Jan 2023, 8:19 PM IST

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जोशीमठ भू-धंसाव को लेकर शंकराचार्य ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की PIL

जोशीमठ के भू-धंसाव का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद सरस्‍वती महाराज ने जोशीमठ के भू-धंसाव की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में शनिवार को जनहित याचिका दाखिल की। याचिकाकर्ता के वकील परमेश्‍वर नाथ मिश्र ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि, वह जोशीमठ को विलुप्‍त होने से बचाने के लिए जल्‍द उपाय के निर्देश दे। याचिका में कहा गया कि, भू—धंसाव की जद में करीब ढाई हजार साल प्राचीन मठ भी आ गया है। पूरा जोशीमठ दहशत में है। सुप्रीम कोर्ट से निवेदन किया कि, सरकार को आदेश दें कि इस दिशा में फौरन कार्रवाई की जाए। उधर उत्‍तराखंड के सीएम पुष्‍कर सिंह धामी ने शनिवार को जोशीमठ के आसपास का हवाई दौरा करने के बाद प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।

जोशीमठ क्यों महत्वपूर्ण है जानें

जोशीमठ, उत्तराखंड में ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) पर स्थित एक धार्मिक पहाड़ी शहर है। जोशीमठ कई अहम तीर्थ स्‍थलों का प्रवेश द्वार है। यह शहर पर्यटन की दृष्टि में बेहद अहम है। यहां बद्रीनाथ, औली, फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब जाने वाले लोग रात में विश्राम करते हैं। भारतीय सशस्त्र बलों के लिए भी जोशीमठ बेहद महत्व रखता है। यह सेना की सबसे महत्वपूर्ण छावनियों में से एक है। जोशीमठ की आबादी करीब 25 हजार है। जिसमें से करीब 600 मकान खाली कराने के आदेश दिए गए हैं।

पुनर्वास के लिए आर्थिक मदद का आदेश देने का आग्रह

याचिका में गुहार की गई है कि, एनटीपीसी और सीमा सड़क संगठन को भी राहत कार्यों में मदद करने का आदेश दिया जाए। याचिका में केंद्र सरकार, एनडीएमए, उत्तराखंड सरकार, एनटीपीसी, बीआरओ और जोशीमठ के जिला चमोली के जिलाधिकारी को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में प्रभावित लोगों के पुनर्वास के साथ उनको आर्थिक मदद मुहैया कराने का भी आदेश देने का आग्रह सुप्रीम कोर्ट से किया गया है।

स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद सरस्‍वती नाराज

हरिद्वार में ज्‍योतिषपीठ के शंकराचार्य स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद सरस्‍वती महाराज ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। कहाकि, मामला करीब साल भर से चल रह है। पर सरकार चुप्पी साधी बैठी हुई थी। यह चिंता की बात है कि जोशीमठ खतरे में है।

जोशीमठ जाऊंगा, प्रभावित लोगों से मिलूंगा

शंकराचार्य ने आगे कहा, पिछले कु‍छ दिनों से इतनी तेजी से भू-धंसाव हो रहा है कि, अब तक 500 घर प्रभावित हुए हैं। हमारे सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मैं जोशीमठ जाऊंगा ताकि मैं प्रभावित लोगों के बीच पहुंच सकूं।

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